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निर्भया केस: विनय की ओर से मानसिक बीमारी और सिर में चोट की दलील देकर कोर्ट में याचिका


नई दिल्ली दीवार पर सिर मारकर खुद को घायल करने वाला विनय शर्मा अब बेहतर इलाज के लिए कोर्ट पहुंच गया है। निर्भया केस के दोषी विनय शर्मा की ओर से उसके वकील ने पटियाला हाउस कोर्ट में याचिका दायर करके कहा है कि विनय को इलाज की जरूरत है। उसके सिर में चोट लगी है और मानसिक बीमारी स्कित्जोफ्रेनिया की वजह से वह किसी को पहचान नहीं पा रहा है। कोर्ट ने तिहाड़ प्रशासन से जवाब मांगा है। विनय के वकील ने कोर्ट से गुहार लगाई है कि विनय के बेहतर इलाज के लिए तिहाड़ जेल प्रशासन को आदेश दिया जाए। याचिका में कहा गया है कि विनय शर्मा के सिर में चोट लगी है और वह मानसिक रूप से बीमार भी है। वह अपनी मां को भी नहीं पहचान पा रहा है। हालांकि, इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में भी मानसिक बीमारी की दलील दी गई थी, लेकिन कोर्ट के फैसले में उसे मानसिक रूप से स्वस्थ बताया गया था। अभियोजक ने दोषी की मानसिक बीमारी और सिर की चोट के उपचार संबंधी याचिका का विरोध करते हुए कहा कि यह विचार योग्य नहीं है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने जेल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे शनिवार को दोषी की याचिका पर अपना जवाब प्रस्तुत दाखिल करें। इस मामले की अगली सुनवाई 22 फरवरी को होगी। गौरतलब है कि चारों दोषियों में एक विनय शर्मा ने सोमवार को जेल की दीवार पर माथा पटककर खुद को घायल कर लिया। वह तिहाड़ जेल के बैरक नंबर तीन में रह रहा है। जेल अथॉरिटीज ने कहा कि निर्भया के दोषियों पर वॉर्डन इन-चार्ज की कड़ी नजर रहती है, फिर भी विनय खुद को चोट पहुंचाने में सफल हो गया। हालांकि, वॉर्डन ने उसे रोका, लेकिन तब तक वह घायल हो चुका था। उसे अस्पताल ले जाया गया जहां प्राथमिक चिकित्सा के बाद उसे छोड़ दिया गया। अदालत ने 17 फरवरी को चारों दोषियों-मुकेश कुमार सिंह, पवन गुप्ता, विनय और अक्षय कुमार के खिलाफ नया मृत्यु वारंट जारी कर उन्हें आगामी 3 मार्च को सुबह छह बजे फांसी पर लटकाने का निर्देश दिया था। यह तीसरी बार है जब चारों दोषियों के खिलाफ नया डेथ वॉरंट जारी किया गया है।