• संवाददाता

मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस में मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर को उम्रकैद की सजा


नई दिल्ली/ मुजफ्फरपुर बिहार की राजनीति में भूचाल लाने वाले मुजफ्फरपुर शेल्टर होम केस में मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। 20 जनवरी को दिल्ली की साकेत कोर्ट ने इस मामले में ब्रजेश ठाकुर समेत 19 आरोपियों को दोषी ठहराया था। इन सभी को शेल्टर होम में रहने वाली लड़कियों के यौन उत्पीड़न का दोषी करार दिया गया था। इसके अलावा अदालत ने एक आरोपी मोहम्मद साहिल उर्फ विक्की को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ कुलश्रेष्ठ की अदालत ने मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर समेत 19 लोगों को 1045 पन्नों के अपने आदेश में दोषी ठहराया था। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो ऐक्ट के तहत भी केस दर्ज किया गया था। गौरतलब है कि मुजफ्फरनगर के बालिका गृह में 34 छात्राओं के यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया था। मेडिकल टेस्ट में तकरीबन 34 बच्चियों के यौन शोषण की पुष्टि हुई थी। सुनवाई के दौरान पीड़ितों ने यह भी खुलासा किया कि उन्हें नशीला दवाएं देने के साथ मारा-पीटा जाता था, फिर उनके साथ जबरन यौन शोषण किया जाता था। केस में सीबीआइ की चार्जशीट के मुताबिक मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड कर्मचारी भी शामिल थे। वे भी मासूम बच्चियों को दरिंदगी का शिकार बना रहे थे। यह भी आरोप है कि बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग के अधिकारी भी बच्चियों के साथ गलत काम में शामिल थे। मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर ने 2000 में मुजफ्फरपुर के कुढ़नी विधानसभा क्षेत्र से बिहार पीपल्स पार्टी (बीपीपी) के टिकट पर चुनाव लड़ा था और हार गया था। आरोपियों में 12 पुरुष और आठ महिलाएं शामिल थी। यह मामला टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज की ओर से 26 मई, 2018 को बिहार सरकार को सौंपी गई एक रिपोर्ट के बाद सौंपने आया था। इस रिपोर्ट में किसी आश्रय गृह में पहली बार नाबालिग लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न का खुलासा हुआ था।