पीएम मोदी का सारा फोकस रहा मां गंगा की स्वच्छता पर


कानपुर।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कानपुर के सीएसए में गंगा परिषद (राष्ट्रीय गंगा परिषद) के राष्ट्रीय कायाकल्प, संरक्षण और प्रबंधन की पहली बैठक की अध्यक्षता की। चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय परिसर में बैठक हो रही थी। पहले बैठक का समय 1 बजकर 5 मिनट तक ही था लेकिन फिर बैठक का समय बढ़ गया था। बैठक के बाद मां गंगा के तट पर पहुंचे पीएम नरेन्द्र मोदी सीधे स्टीमर में बैठ गये पर उनका मां गंगा के प्रति आस्था देखते बन रही थी। इससे पहले राष्ट्रीय गंगा परिषद की बैठक में गंगा की निर्मलता और अविरलता पर मंथन किया गया। बैठक में दो राज्यों यूपी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री, बिहार, यूपी के उप मुख्यमंत्री, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के अलावा गंगा किनारे स्थित सभी पांच राज्यों के कई मंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और एनएमसीजी के महानिदेशक राजीव रंजन मिश्र सहित 40 से अधिक प्रमुख लोग मौजूद रहे। बैठक में उपस्थित अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार पीएम का सारा फोकस गंगा की स्वच्छता पर रहा। सभी प्रदेशों की सरकार से उन्होंने इसके लिये भरपूर प्रयास करने को कहा। इस दौरान गंगाजल की भौतिक, रसायनिक, जीव वैज्ञानिक गुणवत्ता को स्थापित करने पर चर्चा हुई। वहीं प्रत्येक राज्य सरकारों को नदी के जल प्रवाह को बनाये रखने के लिये काम करने पर जोर दिया। गंगा नदी में प्राकृतिक मौसमी विविधता में फेरबदल के नदी की अवरिलता बनाये रखने को चुनौती के रूप में देखने को कहा। साथ ही गंगा की सहायक नदिायों को प्रबंधित करने के लिये एक साथ काम करने को कहा इसके पीछे तर्क रहा कि छोटी नदियों के जरिये ही सीवर और उद्योगों का गंगा पानी सीधे गंगा में जाता है। बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गंगा को साफ रखने और इसके अस्तित्व के लिये खतरे बनने वाले हर कारण को समाप्त करने पर जोर दिया। गंगा में गिरने वाले नालों की टैपिंग की पूरी योजना को न सिर्फ समझा बल्कि अन्य शहरों में भी इसे पूर्ण रूप से लागू करने पर जोर दिया। पीएम की बैठक के बाद माना जा रहा है कि जल्द ही गंगा को पूर्ण रूप से साफ करने को लेकर अन्य तरीके से रणनिति पर पीएम विचार कर रहे है। नमामि गंगे के अभियान में लगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कानपुर में गंगा नदी को अविरल और निर्मल करने के प्रयासों को अपनी कसौटी पर परखने का साथ ही कानपुर शहर में नमामी गंगे की परियोजनाओं का हाल और गंगा नदी में गिर रहे नालों का भी जायजा लिया। परिषद की बैठक के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर कहा, आदरणीय प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में गंगा स्वच्छता का सांस्कृतिक यज्ञ चल रहा है। आज राष्ट्रीय गंगा परिषद आगे की नीति-रणनीति पर विचार कर रही है। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, केंद्र सरकार, राज्य सरकार को जो भी दायित्व सौंपेगी राज्य सरकार पूर्ण सहयोग की भावना से इस कार्य को करेगी। वह दिन अब दूर नहीं कि जब गंगोत्री से बंगाल की खाड़ी तक, हर जगह माँ गंगा निर्मल, अविरल, निर्झर होंगी। काशी हो, प्रयाग हो या कानपुर हर कहीं गंगाजल आचमन योग्य होगा। नमामि गंगे परियोजना के माध्यम से हर भारतीय का यह स्वप्न पूरा होगा।


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