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यूपी उपचुनाव 2019 रिजल्ट: बीजेपी को एक सीट का नुकसान, एसपी को दो सीटों का फायदा

लखनऊ
उत्तर प्रदेश की 11 सीटों पर हुए उपचुनाव में नौ सीटें पहले से बीजेपी और एक सीट उसकी सहयोगी अपना दल के पास थी। इस हिसाब से उसे कुछ सीटों का नुकसान हुआ है। बीजेपी-अपना दल को 8, एसपी को तीन और बीएसपी को एक भी सीट नहीं मिल पाई है। कांग्रेस को भी कोई सीट नहीं मिली है। लखनऊ कैंट सीट पर बीजेपी उम्मीदवार सुरेश चंद्र तिवारी और जैदपुर सीट पर समाजवादी पार्टी के गौरव कुमार की जीत हुई है। बीएसपी विधायक रितेश पांडेय के लोकसभा सांसद चुने जाने के बाद यह सीट खाली हुई थी। बीएसपी ने यहां से छाया वर्मा को अपना उम्मीदवार बनाया। बड़ा उलटफेर करते हुए एसपी उम्मीदवार सुभाष राय ने बीएसपी से उसकी इस परंपरागत सीट को छीन लिया। सुभाष राय ने बीएसपी की छाया वर्मा को 790 वोटों के अंतर से हरा दिया। घोसी विधानसभा सीट से विधायक रहे बीजेपी के फागु चौहान को बिहार का राज्यपाल बनाए जाने के बाद यह सीट खाली हो गई थी। उपचुनाव में बीजेपी ने यह सीट अपने पास बरकरार रखी है। बीजेपी उम्मीदवार विजय राजभर ने नजदीकी मुकाबले में यहां से एसपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सुधाकर सिंह को 1,773 वोटों के अंतर से इस सीट पर जीत हासिल की। बहराइच जिले की बलहा सीट को बीजेपी ने बरकरार रखा है। इस सीट से विधायक रहे बीजेपी के अक्षयवर लाल के सांसद बन जाने के बाद यह सीट खाली हो गई थी। बीजेपी ने यहां से सरोज सोनकर को उम्मीदवार बनाया था। सरोज सोनकर ने एसपी की किरन भारती को 46,487 वोटों के बड़े अंतर से हरा दिया है। मानिकपुर विधानसभा सीट से विधायक रहे आर के सिंह पटेल के सांसद बनने के बाद यह सीट खाली हुई थी। इस सीट पर बीजेपी ने आनंद शुक्ला को उम्मीदवार बनाया था। आनंद शुक्ला ने एसपी उम्मीदवार निर्भय सिंह पटेल को 12,840 वोटों के अंतर से हराकर इस सीट को बीजेपी के लिए सुरक्षित रखा है। इस सीट पर बीएसपी के राजनारायण 38,296 वोट पाकर तीसरे नंबर पर रहे। हाथरस जिले की इगलस विधानसभा सीट पर एक बार फिर से बीजेपी की जीत हुई है। बीजेपी उम्मीदवार राजकुमार सहयोगी ने बीएसपी के अभय कुमार को 25,937 वोटों के अंतर से हरा दिया। यहां तीसरे नंबर पर रही कांग्रेस पार्टी को 10,975 वोट मिले। जीतने वाले राजकुमार सहयोगी को कुल 75,673 वोट मिले हैं। इस सीट पर समाजवादी पार्टी के विधायक आजम खान के लोकसभा सांसद चुने के बाद यह सीट खाली हो गई थी। इस पर एसपी ने आजम खान की पत्नी तंजीन फातिमा को उम्मीदवार बनाया था। तंजीन फातिमा ने बीजेपी के भारत भूषण को करीबी मुकाबले में कुल 7,716 वोटों के अंतर से हरा दिया। कानपुर जिले की गोविंदनगर विधानसभा सीट से विधायक रहे सत्यदेव पचौरी के सांसद बन जाने के बाद यह सीट खाली हो गई थी। इस सीट पर बीजेपी ने सुरेंद्र मैथानी को उतारा। सुरेंद्र मैथानी ने कांग्रेस की युवा नेत्री करिश्मा ठाकुर को 21,244 वोटों के अंतर से हराया। समाजवादी पार्टी यहां तीसरे और बीएसपी चौथे नंबर पर रही। प्रतापगढ़ सीट से अपना दल के विधायक संगम लाल गुप्ता सांसद चुने गए, जिसके बाद यह सीट खाली हो गई। इस सीट पर अपना दल और बीजेपी ने राजकुमार पाल को अपने संयुक्त प्रत्याशी के रूप में अपना दल के टिकट पर उतारा था। उन्होंने एसपी के बृजेश वर्मा को 29,271 वोटों से हराया। कांग्रेस के युवा उम्मीदवार डॉ. नीरज त्रिपाठी इस सीट पर नंबर तीन पर रहे। सहारनपुर जिले की गंगोह विधानसभा सीट बीजेपी के प्रदीप चौधरी के सांसद बन जाने के बाद खाली हुई थी। यहां से बीजेपी ने कीरत सिंह को उम्मीदवार बनाया। दूसरे नंबर पर रहे कांग्रेस के नौमान मसूद ने कीरत सिंह को कांटे की टक्कर दी लेकिन आखिर में वह 5,419 वोटों के मामूली अंतर से चुनाव हार गए। एसपी के इंद्रसेन तीसरे और बीएसपी के मोहम्मद इरशाद चौथे नंबर पर है। राजधानी लखनऊ की कैंट विधानसभा सीट रीता बहुगुणा जोशी के सांसद चुने जाने के बाद खाली हुई थी। यहां से बीजेपी ने अपने वरिष्ठ नेता सुरेश चंद्र तिवारी को उम्मीदवार बनाया। सुरेश चंद्र तिवारी ने समाजवादी पार्टी के मेजर आशीष चतुर्वेदी को 35,428 वोटों के अंतर से हराया। कांग्रेस उम्मीदवार दिलप्रीत सिंह तीसरे नंबर पर और बीएसपी के अरुण द्विवेदी नंबर चार पर रहे। बाराबंकी जिले की जैदपुर सीट के विधायक रहे उपेंद्र रावत के सांसद बन जाने के बाद यह सीट खाली हुई थी। बीजेपी के हाथ से यह सीट फिसल गई है। यहां से एसपी उम्मीदवार गौरव रावत ने बीजेपी के अंबरीश को 4,165 वोटों के अंतर से हरा दिया है। कांग्रेस के तनुज पुनिया तीसरे नंबर पर रहे और उन्हें कुल 43,983 वोट मिले।

 

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