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दिल्ली में गर्मी ने तोड़े सारे रेकॉर्ड, पालम में पारा 48 डिग्री पहुंचा


नई दिल्ली प्री-मॉनसून में देरी के बीच दिल्ली में भीषण गर्मी पड़ रही है। सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में गर्मी ने अपने सारे रेकॉर्ड तोड़ दिए और पारा 48 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। मौसम की जानकारी देने वाली प्राइवेट एजेंसी 'स्काइमेट' के मुताबिक सोमवार का दिन राष्ट्रीय राजधानी के अब तक के इतिहास का सबसे गर्म दिन रहा। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक पालम में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गौरतलब है कि प्री-मॉनसून में देरी के बीच रेकॉर्ड तापमान और गर्म हवा के थपेड़ों ने दिल्लीवासियों की परेशानी बढ़ा रही है। सुबह के 9 बजते-बजते हालात ऐसे हो जाते हैं, मानो दोपहर के 2 बजे हों। राजधानी में सुबह तेज धूप निकली और दोपहर होते-होते गर्म हवाएं चलने लगीं। सुबह न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आईएमडी के मुताबिक, लू से अगले दो दिनों तक राहत नहीं मिलेगी और धूल भरी आंधी चलेगी। रविवार को न्यूनतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था और अधिकतम तापमान औसत से चार डिग्री अधिक 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। दिल्ली में सोमवार को पारा 48 डिग्री पर पहुंच गया लेकिन राजस्थान के चुरू शहर में पहले से ही तापमान 50 डिग्री के आसपास दर्ज किया जा रहा है। चुरू गर्मी से इन दिनों बुरी तरह तप रहा है। बीते कई दिनों से यहां पारा 50 डिग्री के पार चला जाता है। आलम यह है कि लोगों ने अपने काम के घंटे भी मौसम के अनुसार ही तय कर लिए हैं। यहां सोमवार को तापमान 50.3 डिग्री सेल्सियस था। भारत मौसम विभाग के क्षेत्रीय मौसम पूर्वानुमान प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया, ‘गर्म पछुआ हवाओं, पश्चिम विक्षोभ का मैदानी इलाकों पर कोई प्रभाव नहीं होना और जून के महीने की भीषण गर्मी के कारण तापमान इतना ज्यादा हुआ है।’ उन्होंने कहा, ‘दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के कारण संभवत: मंगलवार को तापमान में एक-दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट आए लेकिन लू चलती रहेगी।’ उधर, सफदरजंग वेधशाला में सोमवार को अधिकतम तापमान 45.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27.2 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार यदि किसी क्षेत्र में तापमान लगातार दो दिन 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहे तो वहां लू की स्थिति घोषित कर दी जाती है। यदि पारा 47 डिग्री या उससे ऊपर चला जाए तो लू की गंभीर स्थिति बन जाती है। विभाग ने बताया कि दिल्ली जैसे शहरों में अगर तापमान एक दिन भी 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला जाए तो लू की स्थिति घोषित कर दी जाती है। दिल्ली में प्री-मॉनसून का भी असर नहीं दिख रहा। हल्की बूंदा-बांदी से भी दिल्ली को थोड़ी राहत मिल सकती है लेकिन 10 जून तक राजधानी को हल्की बारिश भी नसीब नहीं हुई है। मौसम विभाग के अनुसार इस महीने आज तक औसतन 7.9 मिलीमीटर बारिश पड़ जानी चाहिए थी। दिल्लीवालों पर मौसम की दोहरी मार पड़ रही है। बारिश न होने का असर प्रदूषण पर भी पड़ा है। सुबह दिल्ली का एयर क्वॉलिटी इंडेक्स 220 पर था, जो खराब श्रेणी में आता है। देश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने एक सप्ताह की देरी से दस्तक दी। यह अमूमन 1 जून को केरल के तट से टकरा जाता है। हालांकि, अब मॉनसून दक्षिणी अरब सागर, लक्षद्वीप के अधिकांश हिस्सों और केरल और दक्षिण तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ा है। वैज्ञानिकों ने बताया है कि मंगलवार तक पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ हिस्सों में मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां बन रही हैं।