• संवाददाता

गर्मी में मारामारी नैनीताल-मसूरी में होटल फुल


नैनीताल/मसूरी मैदानी इलाकों में गर्मी के बढ़ते ही पहाड़ों पर भीड़ उमड़ने लगी है। उत्तराखंड के प्रमुख हिल स्टेशन नैनीताल और मसूरी में पर्यटक बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं, जिससे वहां होटल के कमरे फुल हो चुके हैं। लोगों की बढ़ती भीड़ स्थानीय लोगों के साथ ही प्रशासन के लिए भी चुनौती बन गई है। हिल स्टेशन्स पर मई से जून तक टूरिस्ट का पीक सीज़न चलता है। बात अगर नैनीताल की करें तो यहां पर 2 हजार चार पहिया गाड़ियों के लिए पार्किंग स्पेस है। लेकिन इस समय हर रोज 4 हजार गाड़ियां पहुंच रही हैं। वहीं वीकेंड पर यह आंकड़ा बढ़कर 6 हजार तक हो जाता है। वहीं मसूरी में हालत यह है कि यहां पर सभी होटलों के कमरे फुल चल रहे हैं। पहाड़ों की रानी कही जाने वाली मसूरी का अगर आप प्लान कर रहे हैं तो पूरी जानकारी खंगालने के बाद ही निकलना उचित होगा। नैनीताल में यातायात की बिगड़ती व्यवस्था को देखकर प्रशासन की तरफ से ठोस कदम उठाया गया है। अब पर्यटकों को लेकर आने वाली गाड़ियों को नैनीताल से काफी पहले ही रोक दिया जा रहा है। इसको लेकर होटल मालिकों में जबर्दस्त नाराजगी है। उनका कहना है कि किसी स्थाई समाधान की बजाय प्रशासन ऐसा कदम उठा रहा है, जिससे बिजनस को नुकसान पहुंच रहा है। नैनीताल होटल असोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश लाल साह ने कहा, 'गाड़ियों को कई किलोमीटर पहले ही रोक दिया जा रहा है। हमने विरोध के तौर पर शाम को 6 से 9 बजे तक लाइट बंद करने का फैसला किया है। जिला प्रशासन के साथ हुए समझौते में यह निर्णय लिया गया कि गाड़ियों को जहां रोका जाएगा, वहां से शटल सेवाएं मुहैया कराई जाएंगी।' नैनीताल के एसएसपी सुनील कुमार मीणा ने बताया, 'हम होटल असोसिएशन के साथ बैठक कर रहे हैं। यह निर्णय लिया गया है कि नैनीताल-हल्द्वानी रोड पर रुसी बाइपास के नजदीक पार्किंग सुविधा बनाई गई है। इसी तरह से नैनीताल-कालाधुंगी रोड पर चारखेट के पास भी पार्किंग का इंतजाम किया गया है। वहां से पर्यटकों को नैनीताल के लिए शटल सेवा प्रदान की जाएंगी।'