• संवाददाता

गडकरी ने कहा कि वह खादी और अन्य MSME प्रॉडक्ट्स को दुनियाभर के बाजारों में पहुंचाएंगे


नई दिल्ली केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में पदभार संभालते ही अगले पांच सालों में देश के आर्थिक विकास में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उपक्रम (एमएसएमई) मंत्रालय के योगदान का ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है। न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिए इंटरव्यू में गडकरी ने खुलासा किया कि हाइवेज के निर्माण में 15 लाख करोड़ रुपये निवेश करने से लेकर खादी एवं एमएसएमई उत्पादों का वैश्वीकरण कर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) को गति देने की योजना तैयार की गई है। गडकरी ने कहा कि आगे का मिशन जीडीपी वृद्धि को तेज करना है, चाहे यह राजमार्गों पर ध्यान देकर हो या एमएसएमई क्षेत्र के जरिए हो। गडकरी ने कहा, 'राजमार्गों के लिए ब्लूप्रिंट पहले ही तैयार है। हमारी योजना राजमार्गों के क्षेत्र में कम-से-कम 15 लाख करोड़ रुपये का काम करने की है जिनमें 22 ग्रीन एक्सप्रेसवे का निर्माण, सभी रुकी परियोजनाओं की अगले 100 दिनों में शुरुआत तथा पावरग्रिड की तर्ज पर सड़कों का ग्रिड तैयार करना शामिल है।' उन्होंने कहा कि उनके पिछले कार्यालय में उनके विभिन्न मंत्रालयों ने 17 लाख करोड़ रुपये खर्च किए। इनमें 11 लाख करोड़ रुपये का खर्च अकेले हाइवे सेक्टर में किया गया। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता सभी अटके हाइवे प्रॉजेक्ट्स को 100 दिनों के भीतर शुरू करना है। इनमें कई परियोजनाएं आईएलऐंडएफएस की हैं। गडकरी ने कहा, 'मैंने कल (मंगलवार को) ही परियोजनाओं की समीक्षा की और पाया कि वित्तीय कारणों से करीब 225 परियोजनाएं अटकी हैं। इन रुकावटों को अब दूर कर लिया गया है और सिर्फ 20-25 परियोजनाएं ही बच रही हैं। यह प्राथमिकता का क्षेत्र है और 100 दिनों के भीतर अटकी परियोजनाओं की संख्या शून्य हो जाएगी।' उन्होंने कहा, 'सीमावर्ती क्षेत्रों में 17 ऐसी राजमार्ग परियोजनाएं हैं जो हवाई पट्टी का भी काम करेंगी। इनमें से 13 परियोजनाएं तैयार होने के करीब हैं। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे अगले दो महीनों में तैयार हो जाएगा तथा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर पूरी तेजी से काम चल रहा है।' गडकरी ने कहा कि आगे का लक्ष्य दुर्घटनाओं को कम करना है। करीब 704 ब्लैक स्पॉट के अलावा करीब 8 हजार ऐसे नए ब्लैक स्पॉट की पहचान की गई है और जल्दी ही इन्हें ठीक कर दिया जाएगा। गडकरी ने अपने नए एमएसएमई मंत्रालय के बारे में कहा कि उनका उद्देश्य संयुक्त उपक्रमों (जॉइंट वेंचर्स) के जरिए एमएसएमई एवं खादी उत्पादों को दुनियाभर के बाजारों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि व्यापक स्तर पर शहद का उत्पादन कराने के अलावा उनका ध्यान वैश्विक स्तर पर काफी मांग वाले सहजन (मोरिंगा) जैसे उत्पादों को बढ़ावा देने पर है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा। इन सब के साथ ही खादी पर भी जोर दिया जाएगा। गडकरी ने कहा कि इनसे रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे तथा जीडीपी को तेजी मिलेगी। उन्होंने कहा कि इनका असर अगले दो से तीन साल में दिखने लगेगा। गडकरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को लोकसभा चुनाव में मिली शानदार जीत के बारे में कहा कि इससे लोगों के पार्टी केंद्रित राजनीति, जातिवाद और संप्रदायवाद से ऊपर उठने का पता चलता है। इससे यह भरोसा मजबूत होता है कि लोगों को विकास चाहिए। उन्होंने कहा कि नोटबंदी से लोगों में यह संदेश गया कि मोदी सरकार भ्रष्टाचार एवं कालाधन के खिलाफ है। कल्याणकारी योजनाओं, आवास, गैस, बिजली और स्वास्थ्य बीमा, इन सभी मुहिमों से गरीबों को लाभ हुआ है।