• संवाददाता

अरुण जेटली ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए मंत्री बनने में असमर्थता जताई


नई दिल्ली लोकसभा चुनाव में पीएम नरेंद्र मोदी की शानदार जीत के साथ वापसी के साथ ही उनकी कैबिनेट को लेकर अटकलें शुरू हो गई थीं। इस बीच पिछली सरकार में वित्त मंत्री का प्रभार संभालनेवाले अरुण जेटली ने कैबिनेट में शामिल नहीं करने का आग्रह पीएम मोदी से किया है। जेटली ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर बीमारी के कारण कैबिनेट में शामिल होने में असमर्थता जताई। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को लिखा पत्र अपने अरुण जेटली ने वित्त मंत्री के लेटरहेड से लिखे पत्र को ट्विटर पर भी शेयर किया। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए लिखा कि उन्हें कैबिनेट में शामिल करने पर विचार न किया जाए। जेटली ने अपने पत्र में पीएम मोदी का आभार जताते हुए लिखा कि उनके नेतृत्व में देश के विकास को नए रास्ते पर ले जाने का मौका मिला। जेटली ने पत्र में लिखा, 'पार्टी में रहते हुए मुझे संगठन स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी दी गई, एनडीए की पहली सरकार में मंत्री पद और विपक्ष में रहते हुए भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने का मौका मिला। मैं इससे ज्यादा की कुछ और मांग भी नहीं कर सकता।' उन्होंने लिखा, 'पिछले 18 महीनों में मुझे कुछ गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हुई हैं। चुनाव अभियान पूरा होने के बाद जब आप केदारनाथ की यात्रा पर निकल रहे थे, तब भी मैंने आपको मौखिक तौर पर बताया था कि भविष्य में मैं किसी भी जिम्मेदारी से दूर रहना चाहूंगा। ताकि मैं पूरी तरह अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दे सकूं। बीजेपी और एनडीए ने आपके नेतृत्व में बड़ी जीत हासिल की है। कल नई सरकार शपथ ले रही है। मैं औपचारिक तौर यह पत्र लिखकर आपसे निवेदन करना चाहता हूं कि फिलहाल के लिए नई सरकार में मुझे किसी भी जिम्मेदारी का हिस्सा न बनाया जाए। मैं कुछ समय अपने स्वास्थ्य और ईलाज के लिए चाहता हूं।' बता दें कि पिछले डेढ़ साल से जेटली काफी बीमार चल रहे हैं। वह किडनी संबंधी गंभीर बीमारियों के साथ ही कैंसर से भी जूझ रहे हैं। उनका किडनी प्रत्यारोपण भी किया गया है। उन्होंने पत्र में लिखा, 'पिछले 18 महीनों से मैं स्वास्थ्य संबंधी कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहा हूं। स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए मैं आग्रह करूंगा कि मुझे कोई और अतिरिक्त जिम्मेदारी न दी जाए।' बता दें कि जेटली के खराब स्वास्थ्य को देखते हुए ऐसी अटकलें पहले से ही चल रही थी कि इस बार मोदी कैबिनेट में वह शामिल नहीं होंगे। फरवरी में अंतरिम बजट भी पीयूष गोयल ने ही पेश किया था क्योंकि उस वक्त जेटली इलाज के लिए अमेरिका में थे। वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, 'मैं अरुण जेटली के जल्द बेहतर स्वास्थ्य की कामना करता हूं। मैं उन्हें लंबे समय से जानता हूं और राजनीतिक मतभेदों के बावजूद, मैंने हमेशा उन्हें स्नेही पाया है।' इस बीच बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और रविशंकर प्रसाद ने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इसके अलावा डीएमके की कनीमोझी ने भी राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। अमित शाह गांधीनगर से, रविशंकर प्रसाद पटनासाहिब से और कनीमोझी थूथुकुडी से लोकसभा चुनाव जीती हैं।