• संवाददाता

लखनऊ: मेयर ने मानी नाला सफाई में लापरवाही


लखनऊ मॉनसून के पहले नाला सफाई में हो रही लापरवाही पर मेयर संयुक्ता भाटिया ने बुधवार को नगर आयुक्त समेत सभी आला अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने पिछले साल के मुकाबले बजट बढ़ाने, लगातार बैठकें और समीक्षा होने के बावजूद नाला सफाई न होने से लोगों को भारी परेशानी होने की बात स्वीकार की। उन्होंने पिछले साल के अनुभवों से सबक लेते हुए इस साल मॉनसून से पहले ही पूरे शहर के नालों की सफाई का दावा करते हुए हर जोन के नालों का ब्योरा 12 जून तक तलब कर लिया है। इसके अलावा इंजिनियर और अफसरों की जिम्मेदारी भी तय की गई है। मेयर ने पिछले साल की तरह लापरवाही सामने आने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी। मेयर के मुताबिक, इस साल हर इलाके के लिए अफसर, इंजिनियर और कर्मचारियों की अलग-अलग टीम बनाई जाएगी। नाला सफाई से लेकर उसकी मरम्मत और जलभराव के लिए वही टीम जिम्मेदार होगी। पिछले साल जिन इलाकों में परेशानी आई थी, वहां विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। मेयर ने हर नाले की सफाई से पहले और सफाई के बाद तस्वीरें खींचकर नगर आयुक्त को भेजने का आदेश दिया है। मेयर ने अपर नगर आयुक्त अर्चना द्विवेदी को शहर के सभी नालों का ब्योरा तैयार करने को कहा। उन्हें बताना होगा कि कौन-सा नाला कितने दिन में साफ होगा, किस नाले की सफाई कब से शुरू होगी और कब तक पूरी होगी? इसकी रिपोर्ट नगर आयुक्त को सौंपने के बाद इसके मुताबिक ही नालों की सफाई होगी और उनकी निगरानी भी की जाएगी। मेयर ने जनता से अपील की है कि अगर उनके इलाके में नाला सफाई नहीं हो रही है तो 6389300100 नंबर पर शिकायत करें। इस नंबर पर आने वाली शिकायतों पर सीधे नगर आयुक्त की तरफ से कार्रवाई होगी। इसके साथ ही उन्होंने हर जोन के इंजिनियरों की जिम्मेदारी भी तय कर दी। अनियमितता सामने आने पर इंजिनियरों के खिलाफ कार्रवाई होगी। चीफ इंजिनियर एसपी सिंह ने बताया कि कई इलाकों में नाला सफाई शुरू हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि मॉनसून से पहले शहर के सारे नाले साफ हो जाएंगे। नगर निगम के विशेष सफाई अभियान के दूसरे दिन बुधवार को 1870 टन कूड़ा और नाला सिल्ट उठाया गया। नगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी के मुताबिक आठ जोनों में नगर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सुबह और शाम को अभियान चलाया गया। चीफ इंजिनियर एसपी सिंह के मुताबिक, बुधवार को पूरे दिन 24 जेसीबी, 20 लोड़र, 84 ट्रक, 16 रोबोट, 40 डीआई और 121 टाटा एसीआई गाड़ियों का इस्तेमाल हुआ।