• संवाददाता

गहलोत ने कहा, जाति की वजह से कोविंद को बीजेपी ने बनाया राष्ट्रपति


जयपुर लोकसभा चुनाव के दौरान चल रहे विवादित बयानों की कड़ी में अब कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता और राजस्‍थान के मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत का नाम भी जुड़ गया है। सीएम गहलोत ने यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया है कि राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद को बीजेपी की ओर से इसलिए चुना गया ताकि गुजरात चुनाव से ठीक पहले उनकी जाति के मतदाताओं को खुश किया जा सके। गहलोत ने कहा कि गुजरात चुनाव में फायदा उठाने के लिए बीजेपी ने रामनाथ कोविंद को राष्‍ट्रपति बनाया ताकि कोली समुदाय को अपने पाले में लाया जा सके। उन्‍होंने कहा, 'क्‍योंकि गुजरात के चुनाव आ रहे थे। वे घबरा चुके थे कि हमारी सरकार गुजरात में नहीं बनने जा रही है...मेरा ऐसा मानना है कि रामनाथ कोविंदजी को बनाया (राष्‍ट्रपति) जातीय समीकरण बैठाने के लिए और आडवाणी साहब छूट गए।' बता दें कि राष्‍ट्रपति कोविंद दलित समुदाय में आने वाले कोली जाति से ताल्‍लुक रखते हैं। राहुल गांधी के राइट हैंड कहे जाने वाले गहलोत के इस बयान के बाद अब राजनीति गरम हो सकती है। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के बीच विवादास्पद बयानों को लेकर चुनाव आयोग की सख्ती के बावजूद रैलियों में नेताओं के विवादित बयानों का सिलसिला जारी है। कांग्रेस नेता और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने बिहार के कटिहार में एक विवादित बयान दिया है। सिद्धू ने जनसभा में मुस्लिम समुदाय से एकजुट होकर कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने की अपील की। एक रैली के दौरान सिद्धू ने कहा, 'मैं (मुस्लिम समाज से) आपको चेतावनी देने आया हूं। ये आपको बांट रहे हैं। ये ओवैसी (असीदुद्दीन ओवैसी) जैसे लोगों को लेकर एक नई पार्टी साथ में खड़ी कर आप लोगों के वोट को बांटकर जीतना चाहते हैं। लेकिन यहां अल्पसंख्यक आबादी अधिक संख्या में है। अगर आप एकजुट हो गए तो फिर मोदी सुलट जाएगा....छक्का लग जाएगा....मैं जब जवान था तो मैं भी खूब छक्का मारता था...ऐसा छक्का मारो कि मोदी को यहां बाउंड्री से पार होना पड़े...।' इससे पहले यूपी में बीएसपी चीफ मायावती ने मुस्लिमों को एक साथ गठबंधन को वोट करने की अपील की थी। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद सोमवार को ही चुनाव आयोग ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, बीएसपी सुप्रीमो मायावती, बीजेपी नेता मेनका गांधी और एसपी नेता आजम खान पर सख्त कार्रवाई की है। आयोग ने जहां योगी आदित्यनाथ और आजम खान के चुनाव प्रचार पर 72 घंटे का बैन लगाया है, वहीं मेनका और मायावती के चुनाव प्रचार पर 48 घंटे का बैन लगाया है।