• संवाददाता, कानपुर

सोशल मीडिया पर जमकर हो रहा सत्यदेव पचौरी का विरोध


कानपुर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने मुरली मनोहर जोशी की जगह कानपुर से सत्यदेव पचौरी को टिकट तो दे दिया लेकिन जमीनी स्तर पर उनको कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। सोशल मीडिया पर काफी तादाद में प्रत्याशी चयन पर सवाल उठाए गए हैं। कई पोस्ट में तो सीधे पचौरी पर हमले हुए हैं। हालांकि, जानकारों का कहना है कि यह विरोध पार्टी के अंदर से ही है। इससे थोड़े नुकसान की आशंका है। सत्यदेव पचौरी को मुरली मनोहर जोशी के गुट का ही आदमी माना जाता है। चर्चाएं यह भी हैं कि पचौरी को टिकट दिलवाने में खुद जोशी ने ही अहम भूमिका निभाई। हालांकि, टिकट का ऐलान होते ही पार्टी में अंदरखाने और सोशल मीडिया पर इसका तीखा विरोध शुरू हो गया है। एक फेसबुक यूजर ने लिखा है, 'कानपुर नगर की किस्मत ही खराब है, लंबे समय के बाद भी अच्छा सांसद नहीं मिल पा रहा। खैर वोट फिर भी बीजेपी को।' वहीं एक और यूजर ने लिखा है, ‘कानपुर लोकसभा सीट का चुनाव परिणाम बीजेपी के प्रत्याशी चयन से ही तय हो गया है। कानपुर में बीजेपी की हार पूरी तरह निश्चित है।’ एक अन्य यूजर ने एक फेसबुक ग्रुप में लिखा है, ‘कानपुर लोकसभा के लिए सत्यदेव पचौरी को टिकट मिला, आप लोग कहां तक सहमत हैं या नोटा अपनाएं।' इसके अलावा पूर्व पार्षद नीरज दीक्षित ने पचौरी को टिकट दिए जाने को जनता और बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ घोर अन्याय बताते हुए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। वहीं, राजनीतिक समीक्षक रमेश वर्मा के अनुसार, 2014 में मुरली मनोहर का भी बीजेपी के एक धड़े ने विरोध किया था। इस बार भी विरोध पार्टी के अंदर से निकला है। पार्टी का एक धड़ा विरोध में इतना माहिर है कि उसने जगतवीर सिंह द्रोण, सलिल विश्नोई को हार का मुंह दिखाया। हालांकि, यह देखने वाली बात होगी कि आम जनता इस विरोध पर कैसी प्रतिक्रिया देती है।