• संवाददाता,

दुनिया के नेताओं को गले लगाने वाले पीएम मोदी अपने ही लोगों से नहीं मिले: प्रियंका गांधी


अयोध्‍या उत्‍तर प्रदेश के चुनावी जंग में राज्‍य को मथने निकलीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने अयोध्‍या में मोदी सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्‍होंने कहा क‍ि 5 साल तक दुनियाभर के नेताओं के गले लगने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास अपने लोगों से गले मिलने का समय नहीं रहा। पीएम मोदी अपने ही संसदीय क्षेत्र वाराणसी के गांवों में लोगों से मिलने नहीं गए। प्रियंका ने वोटरों से कहा कि मुझे आपसे शिकायत है। नेता जब आपके पास आए तो उसे आपसे घबराहट होनी चाहिए न कि आपको। इसलिए आज नेता जनता की परवाह नहीं करते। प्रियंका ने कहा कि बीजेपी सरकार जनता विरोधी, किसान विरोधी और नौजवान विरोधी सरकार है। ये काम नहीं करना चाहती है और आपकी आवाज भी नहीं सुनना चाहती है। इस सरकार का दिल केवल उद्योगपतियों के लिए है और नौजवान अगर आवाज उठाते हैं तो उनको लाठियां खाने को मिलती हैं। उन्‍होंने कहा कि बीजेपी के शासन में बेरोजगारों पर लाठियां बरसाई गईं। किसान कर्ज में डूबे हुए हैं और उनकी कोई मदद नहीं करता है। कांग्रेस महासचिव ने कहा, 'महिलाएं बताती हैं कि वे सुरक्षित महसूस नहीं करती हैं। वाराणसी गई तो वहां लोगों से पूछा कि विकास हुआ है तो वहां के लोगों ने कहा क‍ि केवल दिखावे का विकास हुआ है। पांच साल के कार्यकाल में पीएम मोदी वाराणसी के एक भी गांव में कभी नहीं गए। उनको दुनियाभर के नेताओं से गले लगते देखा लेकिन अपने ही संसदीय क्षेत्र के लोगों से गले मिलते नहीं देखा। मैंने खुद वाराणसी में खोजा कि कहीं विकास हुआ है, लेकिन नहीं मिला। पीएम अपने वादों पर जवाब दें। ' लोकसभा चुनाव के लिए सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान जारी है। इस बार उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड की ऐसी कई सीटें हैं जहां मुकाबला दिलचस्प होने वाला है। इन तीनों ही राज्यों में 2014 चुनाव में बीजेपी ने विपक्ष का सूपड़ा साफ कर दिया था लेकिन इस बार बिहार में महागठबंधन और यूपी में एसपी-बीएसपी-आरएलडी के गठबंधन की बदौलत इन सीटों पर बीजेपी के उम्मीदवार को कड़ी टक्कर मिलने वाली है। एक नजर इन सीटों पर- यूं तो अमेठी कांग्रेस का गढ़ है और गठबंधन भी यहां से अपना उम्मीदवार नहीं उतार रहा है, फिर भी अमेठी में इस बार मुकाबला कांटे का होगा। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ बीजेपी ने स्मृति इरानी को यहां से टिकट दिया है। स्मृति ने 2014 में भी इसी सीट से राहुल के खिलाफ चुनाव लड़ा था और उन्हें मात भी मिली थी लेकिन उसके बाद से वह अमेठी में काफी सक्रिय रही हैं। दूसरी ओर राहुल यहां से 3 बार सांसद रह चुके हैं।