• संवाददाता, कानपुर

विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय मूल्यांकन तथा प्रत्यायन परिषद ने मिलकर नैक मूल्यांकन कार्यशाला का आयोजन


कानपुर

छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के आइक्यूएसी प्रकोष्ठ और राष्ट्रीय मूल्यांकन तथा प्रत्यायन परिषद नैक बैंगलोर ने मिलकर नैक मूल्यांकन कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला का उद्घाटन डॉक्टर वीके सिंह, डॉक्टर के रामा, डॉक्टर सुजाता सानभाग, डॉ रुचि त्रिपाठी, डॉ अनिल कुमार मिश्रा, डॉ सुधांशु पांण्डिया ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर कुलसचिव ने सभी महाविद्यालय से आए हुए प्रतिभागी को बताया कि यह जागरूकता कार्यशाला दो चरणों में कराई जा रही है जिससे विश्वविद्यालय से संबंधित सभी महाविद्यालयों को इस प्रक्रिया की जानकारी मिल सके। कुलसचिव ने धन्यवाद देते हुए अधिक से अधिक संख्या में महाविद्यालयों को नैक मूल्यांकन के लिए कहा जिससे कानपुर विश्वविद्यालय को नैक मूल्यांकन में पूरे देश का अग्रणी विश्वविद्यालय बनाया जा सके। नैक बैंगलोर से आई सलाहकार डॉक्टर के रामा ने उच्च शिक्षा में गुणवत्ता के विभिन्न आयामों पर चर्चा की और ऑनलाइन पंजीकरण और उसको भरने, जमा करने की जानकारी दी। नैक पंजीकरण में भाषा से घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि इसमें 70 फ़ीसदी जानकारी डाटा के रूप में भरनी होती है बाकी की जानकारी विस्तृत रूप से भरनी होती है।इसमे सब कुछ ऑनलाइन ही करना है जिससे की पारदर्शिता और समय तथा संसाधनों की बचत भी होती है। आइक्यूएसी समन्वयक डॉ सुधांशु पांण्डिया ने बताया कि नैक, विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता का विकास सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। वर्तमान में कानपुर विश्वविद्यालय से सम्बद्ध महाविद्यालय में से 49 महाविद्यालयों ने नैक मूल्यांकन करा लिया है आने वाले समय में यह संख्या 150 से भी ऊपर पहुंचने का लक्ष्य है। इस अवसर पर डॉ अंशू यादव, डॉक्टर संदेश गुप्ता, डॉक्टर संदीप कुमार सिंह, डॉ बृजेश कटियार, डॉ राजेश कुमार, डॉ रश्मि गोरे, डॉ शाश्वत कटियार उपस्थित रहे।