यूपी में मायावती और अखिलेश में बंटीं सीटें

February 21, 2019

लखनऊ 
लोकसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी (एसपी) और बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने सीटों का ऐलान कर दिया है कि किस-किस सीट पर कौन सी पार्टी लड़ेगी। बता दें कि एसपी और बीएसपी के बीच उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों के लिए गठबंधन हुआ है। इन दोनों पार्टियों ने लगभग आधी-आधी सीटों पर लड़ने का ऐलान किया है। बाकी की सीटें सहयोगी दलों के लिए छोड़ी गई हैं। बता दें कि 80 में से दो सीटें (अमेठी और रायबरेली) कांग्रेस के लिए छोड़ी गई हैं और राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) को तीन सीटें दी गई हैं। आरएलडी को मथुरा के हिस्से में उसकी परंपरागत मथुरा, बागपत और मुजफ्फरनगर सीटें आईं हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ज्यादातर सीटें एसपी तो पूर्वी यूपी की ज्यादातर सीटें बीएसपी के खाते में आई हैं।  
एसपी-बीएसपी के बीच हुए इस बंटवारे में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीटों पर बीएसपी का दबदबा बरकरार है। बता दें कि यूपी की 80 में से कुल 17 सीटें ऐसी हैं, जो अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। इनमें से बीएसपी के हिस्से में 10 तो एसपी के हिस्से में सात सीटें आईं हैं। इसके अलावा 2014 में जिन पांच लोकसभा सीटों पर समाजवादी पार्टी को जीत मिली थी, वे भी एसपी के ही हिस्से में ही आई हैं। प्रदेश की तीन सीटों कैराना, गोरखपुर और फूलपुर पर उपचुनाव में भी गठबंधन को जीत मिली थी। कैराना में समाजवादी पार्टी के टिकट पर आरएलडी की कैंडिडेट लड़ी थीं। वहीं, गोरखपुर में निषाद पार्टी के प्रवीण निषाद एसपी के टिकट पर चुनाव में उतरे थे। इन तीनों सीटों पर भी समाजवादी पार्टी का दावा बरकरार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से उनको चुनौती देने के लिए एसपी कैंडिडेट उतरेगा। वहीं, राजधानी लखनऊ, योगी आदित्यनाथ का गढ़ गोरखपुर, उद्योग नगरी कानपुर, इलाहाबाद, फैजाबाद और गाजियाबाद जैसी चर्चित सीटों पर भी एसपी चुनाव लड़ेगी। वहीं, दलित आंदोलन का केंद्र रहे सहारनपुर की सीट बीएसपी के हिस्से में आई है। आगरा, मेरठ, गाजीपुर, बुलंदशहर और सुलतानपुर से बीएसपी कैंडिडेट मैदान में उतरेगी।

 

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