• संवाददाता

इलाहाबाद जाने से अखिलेश यादव को रोका, ऐंटी BJP दलों को मिला साथ आने का 'मौका'


लखनऊ समाजवादी पार्टी (एसपी) के अध्यक्ष अखिलेश यादव मंगलवार को इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। हालांकि, उन्हें लखनऊ एयरपोर्ट पर ही प्रशासन ने रोक लिया। इसके बाद अखिलेश यादव के समर्थन में ऐंटी बीजेपी खेमा एकजुट होने लगा है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तेजस्‍वी यादव, बीएसपी सुप्रीमो मायावती, कांग्रेस नेता ललितेशपति त्रिपाठी, आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्य और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अखिलेश को रोके जाने की निंदा करते हुए बीजेपी सरकार पर हमला किया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा, 'मैं पहले ही अखिलेश यादव से बात कर चुकी हूं। हम सभी तथाकथित बीजेपी नेताओं के अहंकारी रवैये की निंदा करते हैं, जिन्होंने छात्रों को संबोधित करने की अखिलेश को इजाजत नहीं दी। यही नहीं, जिग्नेश मेवाणी को भी अनुमति नहीं दी गई थी। हमारे देश में लोकतंत्र कहां है? और वे सभी को इसका पाठ पढ़ा रहे हैं।' आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा, 'लखनऊ में अधिकारियों द्वारा समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के साथ किया गया व्यवहार निंदनीय है। राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ बीजेपी की असहिष्णुता का यह एक और उदाहरण है। वाकई लोकतंत्र खतरे में है।' लोकतांत्रिक जनता दल (एलजेडी) के प्रमुख शरद यादव ने कहा, 'छात्रों के एक कार्यक्रम में शामिल होने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी जा रहे अखिलेश यादव को यूपी की बीजेपी सरकार द्वारा रोकना एक अलोकतांत्रिक कृत्य है। यह दर्शाता है कि वे विपक्ष के नेताओं की बढ़ती लोकप्रियता से घबराए हुए हैं। यह अघोषित आपातकाल है।' कांग्रेस के नेता ललितेशपति त्रिपाठी ने ट्वीट किया, 'अजय सिंह बिष्ट (योगी आदित्यनाथ) की सरकार मनमानी कर रही है। अखिलेश यादवजी एक पूर्व मुख्यमंत्री के साथ ही वर्तमान में एक विधायक भी हैं और उनको इस प्रकार प्रशासनिक अमले द्वारा रोका जाना दर्शाता है कि योगी आदित्यनाथ लोकतंत्र की गरिमा को तार-तार करने में लगे हुए हैं।' आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया, 'देश के सबसे बड़े सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री को बिना लिखित आदेश रोकना लोकतंत्र की हत्या है। अजय सिंह बिष्टजी को पहले सोचना चाहिए कि उन पर अनेकों आपराधिक केस होने के बावजूद वह सीएम हैं फिर अखिलेशजी पर तो कोई आपराधिक केस भी नहीं है। अराजक लोग दूसरों के बारे में खुद जैसा ही सोचते हैं।' इस घटना के बाद इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में बवाल शुरू हो गया। समाजवादी कार्यकर्ताओं ने पत्थरबाजी के साथ-साथ पुतला दहन भी किया। पुलिस ने काफी देर तक उन्हें समझाने की कोशिश की। समझाने-बुझाने के बावजूद न मानने पर पुलिस ने उन पर ऐक्शन लिया। इस घटना में एसपी सांसद धर्मेंद्र यादव को भी चोट आई है।


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