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आरक्षण की मांग का ज्ञापन प्रधानमंत्री को सौंपें गुर्जर समाज के नेता: गहलोत


नई दिल्ली गुर्जर समुदाय राजस्थान में एक बार फिर आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहा है। गुर्जर नेता किरौड़ी सिंह बैंसला अपने समर्थकों के साथ शुक्रवार से सवाईमाधोपुर जिले में ट्रेन की पटरियों पर बैठे हैं। राजस्थान की गहलोत सरकार ने गुर्जर आरक्षण से पल्ला झाड़ते हुए केंद्र के पाले में गेंद डाल दी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुर्जर नेताओं से बातचीत के लिए 3 मंत्रियों की कमिटी गठित की है। वहीं, उनके एक कैबिनेट सहयोगी ने दावा किया है कि बातचीत की प्रक्रिया शुरू भी हो चुकी है। शनिवार को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि 5 फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे गुर्जर समाज के नेताओं को अपनी मांग से जुड़ा ज्ञापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपना चाहिए क्योंकि यह संविधान संशोधन के बिना संभव नहीं है। गहलोत ने रेल पटरियों पर बैठे आंदोलनकारियों से अपील की है कि वे वहां से हट जाएं। गहलोत ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘पिछली बार भी उनकी अधिकतर मांगें राज्य सरकार द्वारा मानी गई थीं, इस बार भी उनसे बातचीत करने के लिए तीन मंत्रियों की कमिटी बना दी गई है। इस बार जो उनकी मांगें हैं उनका ताल्लुक केंद्र सरकार से है। उन्होंने कहा, ‘पिछली बार पांच फीसदी आरक्षण की मांग को विधानसभा में पारित कर लागू करने का प्रयास किया गया था लेकिन हाई कोर्ट ने उस पर रोक लगा दी। अब जो गुर्जर समाज की मांग है वह संविधान संशोधन करके ही पूरी हो सकती है, यह बात बैंसला जी को भी मालूम है इसलिए उनका आंदोलन करना समझ से परे है। उन्हें अपनी मांगों का ज्ञापन प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को देना चाहिए। दूसरी तरफ, गहलोत सरकार में मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने दावा किया है कि सरकार और गुर्जर नेताओं के बीच बातचीत शुरू भी हो चुकी है। सिंह ने शनिवार को कहा, 'बातचीत शुरू हो चुकी है। मुझे उम्मीद है कि सरकार द्वारा गुर्जर समुदाय की सभी समस्याओं का समाधान होगा। मुख्यमंत्री से परामर्श के बिना मैं कुछ भी कहने के लिए अधिकृत नहीं हूं।' गौरतलब है कि राजस्थान में गुर्जरों के लिए पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर गुर्जर समुदाय ने फिर आंदोलन शुरू कर दिया है। गुर्जर आंदोलनकारी राज्य में रेल रोको आंदोलन कर रहे हैं। ट्रैक पर जारी प्रदर्शन के कारण रेल यातायात पर असर पड़ा है। शनिवार दोपहर तक 14 ट्रेनें कैंसल की जा चुकी हैं और 20 रेलगाड़ियों के मार्ग बदले गए हैं।


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