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दिल्ली में AAP का होगा 'AAP' से सामना

नई दिल्ली 
लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को एक नई चुनौती का सामना करना पड़ेगा। यह चुनौती बीजेपी और कांग्रेस के अलावा एक नई पार्टी है, जिसका नाम है 'आपकी अपनी पार्टी (पीपल्स)'। इस पार्टी ने दिल्ली की सभी 7 सीटों पर अपने कैंडिडेट उतारने की बात कही है। इस पार्टी के मैदान में उतरने से आम आदमी पार्टी को अपने वोट छिटकने का डर है क्योंकि इसका अब्रीविएशन भी AAP(पीपल्स) है और उसका चिन्ह 'बैटरी टॉर्च' भी झाड़ू जैसा ही दिखता है। पार्टी को डर है कि इससे वोटर कन्फ्यूज होगा और वोट इस नई पार्टी के खाते में जा सकते हैं।  बुधवार को जब रामबीर सिंह से पूछा गया कि कहीं उनकी पार्टी बीजेपी की गुप्त विंग तो नहीं, जिसे आम आदमी पार्टी को नुक्सान पहुंचाने के लिए मैदान में उतारा गया है, तो उन्होंने कहा कि नई पार्टी AAP को अपना मुख्य दुश्मन मानती है और 2020 के विधानसभा चुनावों में सभी 70 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारकर आप सरकार को उखाड़ फेंकेगी। हालांकि नई पार्टी की ये महत्वाकांक्षाएं निराधार नजर आईं, जब पार्टी दफ्तर के 100 मीटर के दायरे का दौरा किया गया। पार्टी का दफ्तर बुराड़ी के अमृत विहार में है और यहां के लोगों को इस पार्टी के बारे में कुछ नहीं मालूम। हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया ने यहां लोगों से बात की और पाया कि लोग ऐसी किसी नई पार्टी के बारे में नहीं जानते। पार्टी के ट्विटर हैंडल का स्टेटस देखा गया तो वहां सिर्फ 22 फॉलोअर्स मिले। हालांकि पार्टी नेताओं का कहना है कि यह ट्विटर अकाउंट उनके एक समर्थक ने बनाया है, जबकि उसका स्टेटस ऑफिशल है। पार्टी का छोटा-सा ऑफिस बुधवार को लगभग खाली ही मिला, हां कुछ प्रचार सामग्री से वह थोड़ा रंग-बिरंगा नजर आ रहा था। रामबीर चौहान का दावा है कि पूरी दिल्ली में उनकी पार्टी के समर्थक फैले हुए हैं, जो देश को जातिगत राजनीति, ठेके पर रोज़गार से छुटकारा पाना चाहते हैं और गरीबों की मदद करना चाहते हैं। चौहान का कहना है कि गरीब लोगों ने मिलकर नई पार्टी बनाई क्योंकि 'केजरीवाल सरकार ने उनके लिए कुछ नहीं किया।' जब रामबीर से पूछा गया कि क्या AAP की पॉप्युलैरिटी को टक्कर देने के लिए पार्टी का गठन किया गया है, तो इसके जवाब में वह बोले, 'AAP अब पॉप्युलर नहीं रही।' 'आपकी अपनी पार्टी(पीपल्स)' का रजिस्ट्रेशन बीते साल 11 जुलाई को हुआ था। चौहान ने बताया, 'AAP ने नाम समान होने को लेकर आपत्ति जताई थी, लेकिन इलेक्शन कमिशन में पार्टी का अब्रीविएशन रजिस्टर नहीं है। आम आदमी पार्टी का रजिस्ट्रेशन AAP नाम से है।' चौहान पूर्व बीएसपी लीडर हैं, जिन्होंने 2015 में बुराड़ी से विधानसभा चुनाव लड़ा था। सीएम अरविंद केजरीवाल की पार्टी ने नई पार्टी के डीरजिस्ट्रेशन की मांग की है। पार्टी का कहना है कि दोनों के नाम और चुमनाव चिन्ह एक जैसै हैं। पार्टी ने नई पार्टी के चिन्ह पर यह कहते हुए आपत्ति जताई है कि फ्लैशलाइट से लाइट की रेज निकलती दिख रही हैं, जो कुछ हद तक झाड़ू से मिलता-जुलता है। हालांकि चौहान का कहना है, 'चुनाव आयोग ने बगैर किसी इमेज के उन्हें फ्लैशलाइट चिन्ह अलॉट किया था, हमने जलती हुई टॉर्च को अपना चिन्ह बना लिया। बाद में आयोग ने चिवन्ह बदलने के लिए कहा तो हमने उसमें बदलाव कर लिए। वह AAP की झाड़ू से मेल नहीं खाता।' मंगलवार को AAP ने आपकी अपनी पार्टी द्वारा फ्लैशलाइट चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल पर रोक की मांग को लेकर हाई कोर्ट का रुख किया। 

 

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