• संवाददाता

जनरल कोटा बिलः संसद में आज आर-पार, बहस से पहले बात में जुटी सरकार


बड़े वोट बैंक से जुड़ा मुद्दा होने के कारण प्रमुख विपक्षी दल संशोधन विधेयक का सीधे तौर पर विरोध करते नजर नहीं आ रहे हैं। बीएसपी प्रमुख मायावती ने बिल के लिए अपने खुला समर्थन तो दिया, लेकिन साथ ही बीजेपी पर चुनावी स्टंट का तंज भी किया। एसपी ने बिल के समर्थन की बात तो कही, लेकिन साथ में ओबीसी आरक्षण बढ़ाने की ऐसी शर्त जोड़ दी, जिसको पूरा करना मोदी सरकार के लिए संभव नहीं होगा। मायावती का तंजभरा समर्थन मायावती ने तंज के साथ बिल को संसद में समर्थन की बात कही। मायावती ने कहा कि देश में गरीब सवर्णों को भी आरक्षण की सुविधा देने की बीएसपी की वर्षों से लंबित मांग को आधे-अधूरे मन और अपरिपक्व तरीके से स्वीकार किया गया है। इसके बावजूद वह इसका स्वागत करती हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरकार यह फैसला पहले करती तो बेहतर होता। बीएसपी अध्यक्ष ने कहा लोकसभा चुनाव से पहले लिया गया यह फैसला हमें सही नीयत से लिया गया फैसला नहीं बल्कि चुनावी स्टंट लगता है, राजनीतिक छलावा लगता है। समाजवादी पार्टी ने लगाई ऐसी शर्त इस बीच समाजवादी पार्टी (एसपी) का स्टैंड बिल पर अभी तक गोलमोल ही है। समाजवादी पार्टी नेता रामगोपाल यादव ने कहा, 'ओबीसी के लिए भी आबादी के हिसाब से आरक्षण होना चाहिए था, सरकार इस लक्ष्मण रेखा (50% आरक्षण सीमा) को पार कर रही है, तो ओबीसी को उनकी आबादी के हिसाब से 54% आरक्षण होना चाहिए।' हालांकि उन्होंने आखिर में जोड़ा कि आरक्षण के प्रस्ताव का उनकी पार्टी समर्थन करती है।

राज्यसभा का सत्र एक दिन के लिए बढ़ा आरक्षण का कोटा मौजूदा 49.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 59.5 प्रतिशत करने के लिए सरकार ने अपनी तरफ से पूरी तैयारी की है। कैबिनेट से प्रस्ताव मंजूर होने के ठीक एक दिन बाद सरकार ने जहां बिल को लोकसभा के पटल पर रख दिया, वहीं इसे राज्यसभा से भी पास कराने के लिए ऊपरी सदन का सत्र भी एक दिन यानी 9 जनवरी तक के लिए बढ़ा दिया। लोकसभा से आज बिल मंजूर होने के बाद बुधवार को उच्च सदन में इसे पेश किया जा सकता है। और जानें:लोकसभा|थावरचंद गहलोत|एसपी|आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग|