• संवाददाता

मंदिर निर्माण के लिए अनंतकाल तक कोर्ट के फैसले का इंतजार नहीं कर सकते हिंदू: विश्व हिंदू परिषद


नई दिल्ली राम मंदिर पर कानूनी प्रक्रिया के बाद ही सरकार की ओर से अध्यादेश लाने को लेकर पीएम मोदी के बयान पर विश्व हिंदू परिषद ने टिप्पणी की है। वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने एक तरह से पीएम मोदी के बयान से असहमति जताते हुए कहा कि हिंदू समाज मंदिर निर्माण के लिए अनंत काल तक इंतजार नहीं कर सकता। इससे पहले मंगलवार को ही आरएसएस ने भी पीएम मोदी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि उनके कार्यकाल में ही मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होना चाहिए। बता दें कि मंगलवार को एक न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में पीएम मोदी ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर मसले की सुनवाई पूरी होने के बाद ही अध्यादेश लाने पर सरकार विचार कह सकती है। वीएचपी के मुखिया आलोक कुमार ने कहा, 'हिंदू समाज कोर्ट के फैसले का अनंत काल तक इंतजार नहीं कर सकता। राम मंदिर को लेकर 4 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने वाली है। शीर्ष अदालत में मंदिर मसले की रोजाना सुनवाई की मांग करते हुए याचिका दायर की गई है। पीएम मोदी ने मंदिर को लेकर अध्यादेश के सवाल पर कहा था, 'कानूनी प्रक्रिया को पूरा होने दीजिए। न्यायिक प्रक्रिया समाप्त होने के बाद सरकार के तौर पर हमारी जो भी जिम्मेदारी होगी, उसे पूरा करने के लिए हम प्रयास करेंगे। हम सभी प्रयास करने के लिए तैयार हैं। राम मंदिर के अब भी बीजेपी के लिए इमोशनल मुद्दा होने के सवाल पर मोदी ने कहा था, 'हमने अपने मेनिफेस्टो में हमने कहा था कि इस मसले का समाधान संवैधानिक तरीके से किया जाएगा।' बीजेपी ने लोकसभा चुनाव के अपने घोषणापत्र में कहा था कि वह अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण चाहती है। तीन तलाक बिल से तुलना पर यह बोले मोदी तीन तलाक पर लाए गए अध्यादेश से राम मंदिर मसले की तुलना को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि दोनों में अंतर है। उन्होंने कहा कि तीन तलाक पर अध्यादेश तब लाया गया, जब सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया था। यह भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक ही लाया गया। पीएम मोदी ने पिछली सरकारों पर राम मंदिर मसले को अटकाने का आरोप लगाते हुए कहा कि बीते 70 सालों से शासन कर रही सरकारों ने अयोध्या मसले को अटाकने का काम किया।