• संवाददाता

अगर पार्टी कहती है तो मैं दिल्ली कांग्रेस की कमान संभालने को तैयार हूं: शीला दीक्षित


नई दिल्ली लोकसभा चुनाव कुछ महीने दूर हैं और दिल्ली में कांग्रेस लीडरशिप का संकट चल रहा है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमिटी प्रमुख अजय माकन खराब स्वास्थ्य के कारण अध्यक्षता को लेकर असमर्थतता जता चुके हैं। ऐसे में दिल्ली की पूर्व मुख्य मंत्री शीला दीक्षित ने दिल्ली में पार्टी की कमान अपने हाथ में लेने के लिए तैयार होने की बात कही है। उन्होंने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से कहा कि अगर हाइकमान उन्हें दिल्ली की टीम कांग्रेस का नेतृत्व करने के लिए कहता है तो वह तैयार हैं। तीन बार दिल्ली की मुख्य मंत्री रह चुकीं शीला ने कहा, 'सबकुछ हाइकमान पर निर्भर करता है। अगर मुझसे नेतृत्व के लिए कहा जाता है तो मैं ना नहीं कहूंगी।' साल 2015 में आम आदमी पार्टी से शिकस्त और हाल में हुई हार्ट सर्जरी के बाद उनके सक्रिय राजनीति में न लौटने की अटकलों के बीच 80 साल की शीला ने कहा कि उनके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है और वह रोज बाहर भी जाती हैं। उन्होंने कहा कि लोग उनसे मिलने के लिए उनके निजामुद्दीन ईस्ट स्थित आवास पर भी पहुंच रहे हैं। शीला ने आगे कहा, 'मैं सीडब्ल्यूसी की सदस्य हूं। सर्जरी की वजह से मैं विधानसभा तुनाव के लिए प्रचार नहीं कर पाऊंगी लेकिन अगर पार्टी हाइकमान कोई जिम्मेदारी देता है तो मैं उससे भागने वालों में से नहीं हूं।' दीक्षित ने कहा, हालांकि यह पूरी तरह से पार्टी का फैसला होगा कि जब चुनाव इतने नजदीक हैं तो हाइकमान टॉप लेवल पर बड़े बदलाव करना चाहेगी या नहीं। वह बोलीं, आज कांग्रेस को लोग गंभीरता से नहीं ले रहे, ऐसे में किसी ऐसे नेतृत्व की जरूरत है जो सभी बातों को ध्यान में रखते हुए पार्टी के सभी सदस्यों को साथ लेकर आगे बढ़े, हो सकता है कि पार्टी का फैसला हो कि माकन ही प्रदेश कमिटी के अध्यक्ष बने रहें। माकन ने सितबंर के महीने में ही पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी को अपना इस्तीफा दे दिया था और हेल्थ चेकअप के लिए विदेश चले गए थे। लौटने के बाद उन्होंने कुछ दिन पहले ही कहा है कि वह आगे प्रेदश कमिटी का नेतृत्व करने के इच्छुक नहीं हैं। हालांकि, वह फिलहाल प्रेदश कमिटी के अधयक्ष पद पर ही हैं। 5 राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों पर बात करते हुए शीला दीक्षित ने कहा कि हिंदी पट्टी के तीन राज्यों में कांग्रेस की सफलता दिल्ली में वापसी में जरूर मददगार साबित हो सकती है। उन्होंने कहा, जनता कांग्रेस का मूल्य समझ गई है और हाल के नतीजे दिल्ली विधानसभा और 2019 के लोकसभा चुनावों पर अच्छा असर डालेंगे।