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नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा, 'मैं यहां बाबा नानक का संदेशवाहक बनकर आया हूं'


चंडीगढ़/लाहौर भारत के बाद पाकिस्तान की ओर से भी करदारपुर साहिब कॉरिडोर के शिलान्यास कार्यक्रम के लिए पंजाब के मंत्री और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू मंगलवार को वाघा बॉर्डर पार कर पाकिस्तान पहुंचे। पाक पहुंचने पर सिद्धू ने कहा कि वह बाबा नानक का संदेशवाहक बनकर आए हैं और शांति का संदेश देंगे। पाकिस्तान में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने बेहद दबे शब्दों में 'राफेल' का जिक्र कर मोदी सरकार पर भी निशाना साधा। सिद्धू ने कहा, 'मेरी झप्पी (पाक आर्मी चीफ के साथ) मुश्किल से एक सेकंड की थी, यह कोई राफेल डील नहीं थी। जब दो पंजाबी मिलते हैं तो वे एक-दूसरे को गले मिलते हैं, यह पंजाब में काफी सामान्य है।' सिद्धू ने लाहौर में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे पाकिस्तान आने से किसी केंद्रीय मंत्री या नेता ने नहीं रोका है, बल्कि सभी ने मेरी पीठ ठोकी है। हौसला अफजाई की है। क्योंकि यह धर्म का मामला है।' उन्होंने अपने चुटीले अंदाज में कहा, 'सभी ने मुझे कहा, जा भई सिद्धू सिद्ध होकर आ।' पाकिस्तानी पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में सिद्धू ने कहा कि विवाद के मुद्दे आपसी बातचीत से सुलझते हैं। दोनों देशों को बातचीत के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए। बता दें कि पाकिस्तान के पीएम इमरान खान के शपथग्रहण समारोह में शामिल होने के बाद सिद्धू का यह दूसरा पाक दौरा है। सिद्धू ने कहा, 'हमें धर्म को राजनीति के चश्मे से नहीं देखना चाहिए, इस दुनिया में कौन सा ऐसा जनक या नेता है जो भक्तों को धार्मिक स्थलों पर जाने से रोकता है।' उन्होंने कहा, 'मैं सोणे यार दे शहर लाहौर आया हूं। मैं यार का शुक्रिया करने यहां आया हूं। पंजाब- पांच नदियों के तालमेल से बना है इसलिए पंजाब आपस में तालमेल बढ़ाएगा तो फिर हालात सुधरेंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि उनके यहां आने से कांग्रेस को कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल हमारे दिलों-दिमाग में बन चुकी सरहद को खत्म कर देगी। बता दें कि सोमवार को ही डेरा बाबा नानक-करतारपुर साहिब गलियारा का भारत की सरजमीं में उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू और पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने आधारशिला रखा था। हालांकि, प्रदेश के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शिलान्यास समारोह में पाकिस्तान जाने से साफ इनकार कर दिया है। यही उन्होंने सिद्धू के पाक के कार्यक्रम में शामिल होने के फैसले उनके 'सोचने का तरीका' का बताया। इससे पहले सुषमा स्वराज भी अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में व्यस्त रहने का हवाला देते हुए वहां जाने से इनकार कर चुकी हैं।

अमरिंदर ने पाकिस्तान जाने से किया इनकार पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री का आमंत्रण ठुकराते हुए पाकिस्तान जाने से इनकार कर दिया है। उन्होंने पाकिस्तान न जाने का कारण बताते हुए कहा कि पंजाब में आतंकी हमले लगातार जारी हैं। पाकिस्तान सेना द्वारा भारतीय सेना के जवानों को मारा जा रहा है, इसलिए वह पाकिस्तान के आमंत्रण पर वहां नहीं जाएंगे। सीएम ने कहा कि एक सैनिक होने के नाते, वह पाकिस्तान द्वारा भारत के सैनिकों को मारा जाना कभी बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं, इसलिए उन्होंने पड़ोसी देश नहीं जाने का फैसला लिया है।

विदेश मंत्रालय से सिद्धू ने मांगी थी अनुमति नवजोत सिंह सिद्धू ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के आमंत्रण का जवाब भेजा था। अपने इस पत्र में उन्होंने लिखा था, 'करतारपुर कॉरिडोर शिलान्यास के इस ऐतिहासिक क्षण में मैं आपसे मिलना चाहता हूं। मैंने इस आयोजन में शामिल होने के लिए अपना आवेदन विदेश मंत्रालय को भेजा है।'

पहले भी पाकिस्तान जाने पर विवादों में घिरे थे सिद्धू पहले भी सितंबर महीने में सिद्धू पाकिस्तान के नवनियुक्त प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए थे। समारोह के दौरान सिद्धू पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा से गले मिले थे। समारोह के दौरान सिद्धू को पाक अधिकृत कश्मीर के राष्ट्रपति मसूद खान के पास भी बिठाया गया था। ये तस्वीरें वायरल होने के बाद वह विवादों में घिर गए थे।