• संवाददाता

चीनी निवेशकों को डराने के लिए हुआ कराची अटैक:इमरान खान


कराची पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने पोर्ट सिटी कराची में चीन के वाणिज्यिक दूतावास पर हुए आतंकी हमले का ट्रेड ऐंगल सामने रखा है। शुक्रवार को उन्होंने कहा कि इसी महीने की शुरुआत में दोनों देशों के बीच हुए कारोबारी समझौतों के कारण कराची में चीनी मिशन को निशाना बनाने की कोशिश की गई। पाक पीएम ने कहा कि यह हमला चीनी निवेशकों को डराने और CPEC को कमजोर करने के लिए किया गया था लेकिन ये आतंकी सफल नहीं होंगे। खान ने ट्वीट कर कहा, 'चीनी वाणिज्य दूतावास पर नाकाम रहा हमला स्पष्ट तौर पर मेरे चीनी दौरे के समय हुए अभूतपूर्व कारोबारी समझौतों की प्रतिक्रिया थी।' खान ने इसे पाकिस्तान और चीन के आर्थिक व सामरिक सहयोग के खिलाफ साजिश करार दिया। उन्होंने कहा, ‘इस तरह की घटनाएं पाकिस्तान-चीन संबंध को कमजोर नहीं कर सकती हैं जो हिमालय से अधिक शक्तिशाली और अरब सागर से गहरा है।’ पाकिस्तान में शुक्रवार को एक और बड़ा हमला हुआ। पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक भीड़भाड़ वाले बाजार में मदरसे के पास हुए शक्तिशाली बम विस्फोट में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई और 40 से ज्यादा लोग घायल हो गए। इमरान ने दोनों हमलों की निंदा की और कहा कि ये उन लोगों द्वारा देश को अशांत करने की साजिश का हिस्सा था जो पाकिस्तान को खुशहाल देखना नहीं चाहते हैं। कराची दक्षिण क्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक जावेद आलम ने बताया कि अज्ञात आतंकवादियों के एक समूह ने शुक्रवार को वाणिज्यिक दूतावास के पास गोली चलानी शुरू कर दी। हमला कराची के क्लिफ्टन क्षेत्र में हुआ, जहां कई विदेशी मिशन हैं। करीब तीन से चार आतंकवादी इस इलाके में पहुंचे और यहां तैनात पुलिसकर्मियों पर गोलीबारी की व ग्रेनेड दागने शुरू कर दिए। कराची के जिन्ना अस्पताल की निदेशक सीमी जमाली ने कहा कि अस्पताल में पांच शव और एक घायल को लाया गया था। अस्पताल चिकित्सक ने कहा कि मारे गए लोगों में दो की पहचान पुलिसकर्मियों के रूप में हुई है। कराची के पुलिस प्रमुख अमीर शेख ने कहा कि सुरक्षा बलों के साथ गोलीबारी में तीन आतंकवादी मारे गए हैं। मारे गए आतंकवादियों में दो के पास से आत्मघाती विस्फोट वाली जैकेट भी बरामद की गई। राजनयिक परिसर की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर लोगों और मीडिया के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने कथित तौर पर हमले की जिम्मेदारी ली है लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।