तेलंगाना में चल रहा 'आयाराम गयाराम' का खेल

 

हैदराबाद 
आपने हरियाणा के चर्चित विधायक गया लाल का नाम तो सुना ही होगा! नहीं सुना तो यह जान लीजिए कि राजनीति में 'आया राम, गया राम' कहावत उन्हीं की वजह से खासी चर्चा में आई। कारण था गया लाल का एक ही दिन में तीन-तीन पार्टियां बदलना। इन दिनों ऐसा ही कुछ हाल तेलंगाना के गजवेल में देखने को मिला है। हालांकि, यहां किसी ने तीन पार्टियां तो नहीं बदली लेकिन इतना जरूर किया कि एक पार्टी छोड़ दूसरी में गए और जल्द ही उनकी 'घर वापसी' हो गई। तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के स्थानीय नेता एम सी राजैया ने रविवार को कांग्रेस नेताओं की उपस्थिति में पार्टी का दामन था। इस दौरान गजवेल से कांग्रेस के संभावित उम्मीदवार वांतेरू प्रताप रेड्डी भी मौजूद थे। 24 घंटे के अंदर ही टीआरएस सरकार में मंत्री टी हरीश राव राजैया के घर गए और टीआरएस में उनकी 'घर वापसी' करा दी। 

कई और नेताओं ने दिनभर में की 'घर-वापसी' 
कुछ हफ्तों पहले ही गजवेल के टीआरएस नेताओं ने भी कुछ ऐसा ही किया था। इनमें कुंता कविता, इलैया और वरिष्ठ नेता यादागिरी शामिल थे। कांग्रेस जॉइन करने के कुछ समय बाद ही इन्होंने वापस टीआरएस का हाथ थाम लिया और कांग्रेस पर आरोप जड़ दिए कि उनके साथ धोखा किया गया। इन नेताओं को टीआरएस में शामिल कराते वक्त हरीश राव ने भी कहा कि कांग्रेस उनके नेताओं पर डोरे डाल रही है और पैसों के साथ-साथ पज का लालच दे रही है। इससे पहले कांग्रेस नेता एन उत्तम कुमार रेड्डी ने टीएस रोड डिवेलपमेंट कॉर्पोरेशन के चेयरमैन टी नरासा से भी मुलाकात की थी और उन्हें कांग्रेस में आने को कहा था। यहां यह भी बता दें कि नरासा रेड्डी 2014 से पहले कांग्रेस में ही थी। दल-बदल का ऐसा ही एक और उदाहरण देखने को मिला, जब पूर्व उपमुख्यमंत्री अमोदरा राजा नरसिंहा की पत्नी पद्मिनी रेड्डी ने सुबह बीजेपी जॉइन की और शाम को फिर से कांग्रेस में लौट आईं।

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