• shiv vardhan singh

हमें बीजेपी की ए, बी, सी, डी कई टीमों से लड़ना है, कई बीजेपी विधायक-सांसद संपर्क में: अखिलेश


कानपुर लोकसभा चुनाव से कुछ महीने पहले ही समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपने एक बयान से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर दबाव बनाने की कोशिश की है। अखिलेश का कहना है कि बीजेपी के कई सांसद और विधायक उनके संपर्क में हैं। अखिलेश ने अपने चाचा शिवपाल यादव पर तंज कसते हुए उन्हें बीजेपी की 'बी टीम' बताया। बता दें कि बीजेपी गठबंधन को 2014 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश से 73 सीटें मिली थीं। हालांकि, तीन सीटें वह उपचुनावों में हार चुकी है। अब अगर इस स्थिति में अखिलेश का दावा सही है तो बीजेपी के लिए 2019 में और भी मुश्किल हो सकती है।

इलाहाबाद का नाम बदलने पर बरसे अखिलेश उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने इलाहाबाद का नाम बदले जाने के फैसले पर योगी सरकार को आड़े हाथ लिया है। कानपुर में अखिलेश ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) वालों ने कुंभ और इलाहाबाद दोनों का नाम बदल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि अर्धकुंभ को कुंभ कहकर बीजेपी वाले धोखा दे रहे हैं। एसपी से अलग होकर समाजवादी सेक्युलर मोर्चा का गठन कर चुके शिवपाल यादव लोकसभा चुनाव में सभी सीटों पर प्रत्याशी उतारने की तैयारी में हैं। इसी पर टिप्पणी करते हुए अखिलेश ने कहा, 'हम दाएं-बाएं नहीं देख रह हैं। हमें बीजेपी समेत उसकी ए, बी, सी, डी न जाने की कितनी टीमों से लड़ना है।'

सीएम की भाषा 'ठोंक दो' इसलिए कानून व्यवस्था खराब: अखिलेश प्रदेश की कानून व्यवस्था पर लगातार उठते सवाल के बीच अखिलेश ने सीएम योगी पर निशाना साधते हुए कहा, 'यूपी के सीएम की भाषा है कि 'ठोंक दो' इसीलिए पूरे प्रदेश की कानून व्यवस्था खराब है।' अखिलेश ने गुजरात में तैयार हो रही स्चैचू ऑफ यूनिटी पर बीजेपी को घरेत हुए सवाल उठाए कि क्या यूपी, बिहार और एमपी ने सरदार पटेल की प्रतिमा के लिए लोहा नहीं दिया? बीजेपी सरकार पर हमलावर अखिलेश ने कहा, 'सरकार गंगा को साफ करने की तारीख बार-बार बदल रही है, गंगा को साफ सिर्फ समाजवादी करेंगे। इन्होंने स्मार्ट सिटी के नाम पर गंदी सिटी, गोबर वाली सिटी बनाकर रख दी है। जो अधिकारी सरकार को खुश करने के लिए समाजवादियों को परेशान कर रहे हैं, हमारी उनपर नजर है।' मध्य प्रदेश में कांग्रेस से गठबंधन न करके अकेले चुनाव में उतरे अखिलेश ने कहा कि उनकी पार्टी का लक्ष्य है कि वह चौथे नंबर की पार्टी से बेहतर प्रदर्शन कर सके।