जिलाधिकारी ने प्राथमिक पाठशाला का किया निरिक्षण ,टीचरों की लगाई जमकर क्लास


कानपुर शासन की प्राथमिकता है कि बच्चों में शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर किया जा सके। जिसके लिए शासन दवारा निरन्तर कड़े प्रयास किये जा रहे है और बच्चों को दिए जाने वाले एमडीएम की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो इसको लेकर जिलाधिकारी श्री विजय विश्वास पन्त ने गुरुवार को सिविल लाइन स्थित प्राइमरी स्कूल तथा जूनियर हाईस्कूल में छापेमारी कर एमडीएम और शिक्षा की गुणवत्ता को परखने के लिए औचक निरिक्षण किया। . जिलाधिकारी ने मिडे मिल खाने की जांच की तो पता चला की बच्चो को मिलने वाली दाल पानी की तरह पतली थी। जिस पर जिलाधिकारी ने अधीक्षिका को जमकर फटकार भी लगाई। और बेसिक शिक्षा अधिकारी को इस मामले में जांच करने के निर्देश भी दिये है। जिलाधिकारी ने स्कूल में मौजूद कक्षा 4 के बच्चो से हिन्दी पढ़ने के लिए कहा. इस पर नारद नाम के बच्चे ने जिलाधिकारी के सामने जल्दी जल्दी पढ़ने लगा। लेकिन बच्चे ने इस दौरान कामा और फूल स्टाप को भूल गया। जिस पर जिलाधिकारी ने नारद को समझाते हुए कहा कि आराम से पढो जिलाधिकारी के समझाने पर नारद ने सबसे अच्छे से पुस्तक पढ़ी उन्होंने नारद से पूछा कि और कोई भी पढ़ाता है तो उसने बताया कि बड़ा भाई भी पढ़ाता है इस पर जिलाधिकारी ने उपस्थित शिक्षिका पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बच्चों को एक एक शब्दो की सही जानकारी होनी चाहिए उन्हें सही तरह से पढाये। क्लास में हासिल वाले सवाल ब्लैक बोर्ड पर दिया तथा एक एक बच्चे से उसको हल करने को कहा इस पर उपस्थित बच्चों में केवल 4 बच्चे ही उसका हल कर सके। जिसमें केवल एक बच्चे ने सही उत्तर लिखा जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों को जो भी पढ़ाया जाए सही और अच्छे से समझाकर ही पढाए . जिलाधिकारी विजय विश्वास पंत ने प्राथमिक विद्यालय का निरिक्षण भी किया इस दौरान उन्होंने रजिष्टर भी चेक किये जिनमे 33 बच्चों में केवल 15 ही बच्चे उपस्थित थे जिलाधिकारी ने परिसर में हीस्थित जूनियर हाईस्कूल में बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता जांचने के लिए कक्षा 7 में पहुचे। जहा पर बच्चों से 1/2 का मतलब पूछा तो कोई बच्चा उसका सही उत्तर बता नही पाया। इस पर जिलाधिकारी ने गणित की अध्यापिका पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों को सही शिक्षा दी जाये केवल खाना पूर्ति नहीं करे।जिलाधिकारी ने जूनियर हाई स्कूल का भी रजिष्टर चेक किया जिसमे 20 बच्चे पंजीकृत है लेकिन स्कूल मे केवल 6 बच्चे ही उपस्थित मिले। जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान में रखते हुए ही पढ़ाया जाये ।विद्यालय में कम्प्यूटर है जिसके विषय मे जानकारी की तो पता चला कि पिछले लगभग एक वर्ष से चालू ही नही किया गया जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि जो भी संसाधन उपलब्ध है उसका प्रयोग अच्छे से किया जाये जिलाधिकारी ने पठन पाठन की गुणवत्ता सही हो इसके लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी से उक्त विधायलय की जांच कराने के निर्देश दिये है.


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