• संवाददाता

J&K निकाय चुनाव: पहले चरण में 63.83 प्रतिशत मतदान


जम्मू/श्रीनगर जम्मू एवं कश्मीर में निकाय चुनाव के पहले चरण का मतदान संपन्न हो गया है। 11 जिलों के स्थानीय निकायों में शाम 4 बजे तक कड़ी सुरक्षा के बीच वोट डाले गए। चुनाव अधिकारी रमेश कुमार ने मतदान के आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि पहले चरण में शाम 4 बजे तक 63.83 प्रतिशत वोटिंग हुई। 13 साल के लंबे अंतराल के बाद हो रहे नगरपालिका चुनाव में सोमवार को जम्मू क्षेत्र के सभी वॉर्डों में भारी मतदान देखने को मिला। राजौरी में सर्वाधिक मतदान हुआ है। हालांकि कश्मीर में स्थिति इससे उलट है। यहां मतदान केंद्र सूने पड़े रहे। बहुत कम संख्या में मतदाता अपने घरों से बाहर निकले। आम हड़ताल के बीच श्रीनगर में सबसे कम वोट पड़े हैं।

जम्मू में वोटरों की लंबी कतारें कड़ी सुरक्षा के बीच जम्मू जिले में लगभग सभी म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन और वॉर्डों में मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं, जहां पहले पांच घंटों में 34 प्रतिशत मतदान हुआ। इस अवधि में राजौरी में 55 प्रतिशत और पुंछ में 47 प्रतिशत मत पड़े। गांधीनगर, आरएस पुरा में वोटिंग शांतिपूर्ण रही। पुरा, बिश्नाह, अरनिया, खौर, जुरियां, अखनूर, नौशेरा, सुरनकोट, कलाकोट और अन्य वॉर्डों में मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्वक जारी है।

कश्मीर में स्थिति अलग, श्रीनगर में 3.5% वोटिंग कश्मीर का नजारा इससे बिल्कुल उलट देखने को मिला। दो प्रमुख दलों नैशनल कॉन्फ्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रैटिक पार्टी ने निकाय चुनाव का बहिष्कार किया है। दोपहर 12 बजे तक कुपवाड़ा में 18 प्रतिशत, बांदीपोरा में महज दो प्रतिशत, बड़गाम और बारामुला में तीन प्रतिशत जबकि अनंतनाग में पांच प्रतिशत वोट पड़े। सुबह सात बजे से मतदान शुरू होने के बाद श्रीनगर में सबसे कम 3.5 प्रतिशत वोट पड़े हैं। एक अधिकारी ने कहा कि कश्मीर घाटी में दोपहर 11 बजे तक 80,000 में से 4,000 वोट पड़े हैं।

बांदीपोरा में बूथ पर भारी पथराव उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले में सोमवार को स्थानीय निकाय चुनाव के बीच कुछ उपद्रवियों ने एक मतदान केंद्र पर भारी पथराव किया। बांदीपोरा के डाचीगाम इलाके में हुई पथराव की इस घटना में यहां बीजेपी का एक उम्मीदवार घायल हो गया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पथराव के बाद से ही इलाके में तनाव का माहौल बरकरार है, हालांकि सुरक्षाबलों की मुस्तैदी के कारण मतदान की प्रक्रिया प्रभावित नहीं हुई है।

सोमवार सुबह 7 बजे से ही बांदीपोरा जिले के 16 वॉर्डों में मतदान शुरू हुआ। इसी दौरान कुछ उपद्रवियों ने करीब 11 बजे डाचीगाम में बने एक पोलिंग बूथ पर पथराव शुरू कर दिया। इलाके में तनाव को देखते हुए तत्काल सीआरपीएफ और पुलिस के जवानों ने मोर्चा संभाला और फिर आंसू गैस के गोले दागकर उपद्रवियों को किसी तरह मतदान केंद्र से खदेड़ दिया। इस दौरान पोलिंग बूथ की तरफ आ रहे वॉर्ड नंबर 15 के उम्मीदवार आदिल अली बुहरू पथराव की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए।

TIMES NOW ✔ @TimesNow Despite threats from Pak terrorists, repeated terror attacks and netas calling for boycott, people of J&K have voted for democracy, Urban local body polls in the state saw people coming out to exercise their democratic right | Mir Fareed reports from Srinagar

12:05 PM - Oct 8, 2018 53 20 people are talking about this Twitter Ads info and privacy

घायल बीजेपी उम्मीदवार की हालत स्थिर इसके बाद उनकी सुरक्षा में तैनात पुलिस के जवानों ने स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें बांदीपोरा के जिला अस्पताल में भर्ती कराया। स्थानीय प्रशासन के अनुसार बांदीपोरा में भर्ती आदिल अली की हालत फिलहाल स्थिर हैं और प्रशासनिक अधिकारी उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे हैं। साथ ही डाचीगाम समेत संवेदनशील इलाकों में एहतियात के तौर पर अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई।

जम्मू-कश्मीर में 13 साल बाद निकाय चुनाव

पढ़ें: जम्मू-कश्मीर: 13 साल बाद स्थानीय निकाय चुनाव, 422 वॉर्डों में कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान जारी

सुरक्षा के बीच महज 4 घंटे में ही भारी मतदान जम्मू-कश्मीर में बीते 13 साल से निकाय चुनाव ना होने कारण आम लोगों में इस बार इन चुनावों के मतदान के लिए काफी उत्साह देखने को मिला। खास बात यह कि हुर्रियत और आतंकी संगठनों की कई अपीलों के बावजूद भी कश्मीर के आतंक प्रभावित जिलों में वोटरों की बड़ी संख्या पोलिंग बूथ पर दिखी। राज्य के मुख्य निर्वाचन आयुक्त कार्यालय की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक सुबह 11 बजे तक राजौरी जिले में सर्वाधिक 55 फीसदी वोटिंग हुई। इसके अलावा पुंछ में 47, जम्मू में 34, करगिल में 33, लेह में 26, कुपवाड़ा में 18, अनंतनाग में 5, बारामुला और बडगाम में 3 और बांदीपोरा में 2 फीसदी वोटिंग हुई। जम्मू-कश्मीर में पूर्व में हुए तमाम चुनावों की अपेक्षा यह आंकड़े काफी सकारात्मक माने जा रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में 13 साल बाद निकाय चुनाव जम्मू-कश्मीर में 13 साल के लंबे इंतजार के बाद सोमवार को स्थानीय निकाय चुनाव का आगाज हुआ है। सेना और अर्धसैनिक बलों के 10 हजार से अधिक जवानों की सुरक्षा में जम्मू-कश्मीर के कुल 422 वॉर्डों में 820 पोलिंग स्टेशनों पर निकाय चुनाव के प्रथम चरण का मतदान कराया गया है। इस दौरान जहां कई स्थानों पर शांतिपूर्ण मतदान के बीच बड़ी संख्या में वोटर पोलिंग बूथ पर पहुंचे हैं। वहीं बांदीपोरा और श्रीनगर जिलों में मतदान के दौरान छिटपुट हिंसा भी हुई है। आगे की स्लाइड्स में देखें, जम्मू-कश्मीर में निकाय चुनाव के मतदान की तस्वीरें।

जम्मू-कश्मीर में 13 साल बाद निकाय चुनाव निकाय चुनाव के लिए सभी पोलिंग बूथों समेत सार्वजनिक स्थानों और महत्वपूर्ण स्थानों पर कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किए गए हैं। साथ ही हिंसक प्रदर्शनों की आशंका में दक्षिण कश्मीर और श्रीनगर के कई इलाकों में सेना और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की अतिरिक्त कंपनियों को तैनात किया गया है।

जम्मू-कश्मीर में 13 साल बाद निकाय चुनाव बीते 13 साल से निकाय चुनाव ना होने कारण आम लोगों में इस बार इन चुनावों के मतदान के लिए काफी उत्साह देखने को मिला है। खास बात यह कि हुर्रियत और आतंकी संगठनों की कई अपीलों के बावजूद भी कश्मीर के आतंक प्रभावित जिलों में वोटरों की बड़ी संख्या पोलिंग बूथ पर दिख रही है।

जम्मू-कश्मीर में 13 साल बाद निकाय चुनाव राज्य के मुख्य निर्वाचन आयुक्त कार्यालय की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक सुबह 11 बजे तक राजौरी जिले में सर्वाधिक 55 फीसदी वोटिंग हुई है। इसके अलावा पुंछ में 47, जम्मू में 34, करगिल में 33, लेह में 26, कुपवाड़ा में 18, अनंतनाग में 5, श्रीनगर में 3.5, बारामुला और बडगाम में 3 और बांदीपोरा में 2 फीसदी वोटिंग हुई है।

जम्मू-कश्मीर में 13 साल बाद निकाय चुनाव पहले चरण में जम्मू शहर के 247 वॉर्डों में वोटिंग हुई है। इसके अलावा कश्मीर में 149 और लद्दाख के कुल 26 वॉर्ड में पहले चरण का मतदान कराया गया है। आयोग के मुताबिक चुनाव के लिए जम्मू के 4 लाख से अधिक वोटरों को मतदाता पहचान पत्र जारी किए गए हैं।

जम्मू-कश्मीर में 13 साल बाद निकाय चुनाव सेना और अर्धसैनिक बलों के 10 हजार से अधिक जवानों की सुरक्षा में जम्मू-कश्मीर के कुल 422 वॉर्डों में 820 पोलिंग स्टेशनों पर निकाय चुनाव के प्रथम चरण का मतदान कराया जा रहा है। निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार आम लोगों के लिए निकाय चुनाव की वोटिंग के लिए सुबह 7 बजे से शाम 4 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है।

जम्मू-कश्मीर में 13 साल बाद निकाय चुनाव जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में शांतिपूर्ण मतदान के बीच बांदीपोरा में कुछ आराजक तत्वों द्वारा पोलिंग की प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की गई। सोमवार को वोटिंग के बीच कुछ लोगों द्वारा बांदीपोरा के डाचीगाम इलाके में एक मतदान केंद्र पर पथराव किया गया। इस दौरान बीजेपी के एक प्रत्याशी पत्थरबाजों के हमले में घायल हुए जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

जम्मू-कश्मीर में 13 साल बाद निकाय चुनाव बांदीपोरा में बूथ पर पथराव और आतंकियों की धमकियों के बावजूद जम्मू-कश्मीर में बड़ी संख्या में वोटरों मतदान केंद्रों पर वोट डालने पहुंचे। इस दौरान अलगाववादियों द्वारा तमाम इलाकों में चुनाव बहिष्कार करने की अपील भी बेअसर दिखी।

जम्मू-कश्मीर में 13 साल बाद निकाय चुनाव बता दें कि सोमवार को निकाय चुनाव के पहले चरण में जम्मू संभाग के जम्मू नगर निगम, राजौरी, नौशेरा, सुंदरबनी, पुंछ, सुरनकोट, आरएसपुरा, अखनूर, ज्यौड़िया, कालाकोट, अरनिया और खौड़ इलाकों में वोटिंग कराई जा रही है। वहीं कश्मीर में कोकरनाग, हंदवाड़ा, बांदीपोरा, बारामुला, कुपवाड़ा और श्रीनगर नगर निगम के 3 वॉर्डों में वोटिंग कराई जा रही है।

11 जिलों के 422 वॉर्डों में वोटिंग बता दें कि जम्मू-कश्मीर में 13 साल के लंबे इंतजार के बाद सोमवार को स्थानीय निकाय चुनाव का आगाज हुआ है। सेना और अर्धसैनिक बलों के 10 हजार से अधिक जवानों की सुरक्षा में जम्मू-कश्मीर के 11 जिलों के कुल 422 वॉर्डों में 820 पोलिंग स्टेशनों पर निकाय चुनाव के प्रथम चरण का मतदान संपन्न हुआ।


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