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खगोलविदों ने सौरमंडल के बाहर खोजा पहला चांद, अकार में वरुण ग्रह के बराबर


न्यू यॉर्क खगोलविदों ने पहली बार सौरमंडल के बाहर एक और चांद होने सबूत खोजे हैं। वैज्ञानिकों ने इसके लिए ह्यूबल और केप्लर स्पेस टेलिस्कॉप का इस्तेमाल किया है। खगोलविदों का कहना है कि यह चांद 8000 प्रकाश वर्ष दूर एक गैसीय ग्रह के चक्कर लगा रहा है। जनरल साइंस अडवांसेस में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, यह चांद अपने आकार की वजह से काफी विचित्र है। वैज्ञानिकों का कहना है कि आकार के मामले में इसकी तुलना वरूण ग्रह से की जा सकती है। अमेरिका की कोलंबिया यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है कि हमारे सौरमंडल में करीब 180 चांद हैं, लेकिन कोई भी चांद आकार में इतना बड़ा नहीं है। कोलंबिया यूनिवर्सिटी के अस्टिटेंट प्रफेसर डेविड किपिंग का कहना है, 'सौरमंडल के बाहर चांद के होने के सबूत मिलने का यह पहला मामला है।' सौरमंडल का सबसे बड़ा चांद गेनीमेड है, जो बृहस्पति की परिक्रमा करता है। इसका व्यास करीब 5,260 किलोमीटर है। वहीं इस बाहरी चांद का व्यास करीब 49,000 किलोमीटर है। यह बाहरी चांद और उसका मूल ग्रह केपलर-1625 की परिक्रमा करते हैं। केपलर-1625 तापमान में हमारे सूर्य जैसा ही तारा है, लेकिन आकार में इससे करीब 70 प्रतिशत ज्यादा है। यह चांद अपने ग्रह से करीब 30 लाख किलोमीटर की दूरी पर परिक्रमा करता है। इसका द्रव्यमान मूल ग्रह के करीब 1.5 फीसद के बराबर है।


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