• Umesh Singh,Delhi

बीजेपी इन दो 'हथियारों' से करेगी कांग्रेस का सामना !


नई दिल्ली मौजूदा वक्त में जहां कांग्रेस राफेल डील के मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है, वहीं सत्ताधारी बीजेपी को लग रहा है कि वह घुसपैठ और सुरक्षा मसलों पर केंद्र की 'सख्त नीति' जैसे दो मुद्दों पर अपनी हवा बना सकती है। 2016 में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में हुई सर्जिकल स्ट्राइक के दूसरे साल बीजेपी ने 28 और 29 सितंबर को देशभर में कार्यक्रम आयोजित किए, जबकि इसके पहले साल पर पार्टी ने कोई खास आयोजन नहीं किया था। पार्टी सूत्रों के मुताबिक इसका मकसद यह संदेश देना है कि सरकार सुरक्षा मामलों पर सख्त नीति अपना रही है।

हालांकि, इन गतिविधियों के चलते बीजेपी पर सेना के काम का राजनीतिकरण करने के आरोप लग रहे हैं। कश्मीर में बढ़ती हिंसा पर भी आलोचक बीजेपी सरकार की नीतियों की सफलता पर सवाल उठा रहे हैं। वहीं बीजेपी को लगता है कि सर्जिकल स्ट्राइक का मुद्दा लोगों के ज़ेहन में बना रहेगा, जिसका उसे 2019 के लोकसभा चुनाव में फायदा मिल सकता है।

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह अपनी रैलियों में लगातार घुसपैठ का मुद्दा उठा रहे हैं। शाह इस बात पर ज़ोर दे रहे हैं कि अगर उनकी पार्टी 2019 के चुनाव के बाद सत्ता में बरकरार रहती है, तो वह घुसपैठियों की पहचान करेंगे। बीजेपी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि पार्टी के शीर्ष नेताओं को लगता है कि असम में नैशनल रजिस्टर ऑफ सिटिज़न्स (NRC) का मुद्दा उन्हें फायदा पहुंचा सकता है। खासकर ऐसे राज्यों में, जहां घुसपैठिए बड़ी तादाद में रह रहे हैं।

इन पदाधिकारी के मुताबिक घुसपैठ का मुद्दा बीजेपी को पश्चिम बंगाल जैसे राज्य में काफी वोट दिला सकता है, जहां की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस मुद्दे पर खुलकर बीजेपी के विरोध में आई थीं। उनके इस कदम को उनके राज्य के 28% मुस्लिमों को संतुष्ट करने के रूप में देखा गया। इनमें से तमाम लोग यह मानते हैं कि बीजेपी घुसपैठ के नाम पर तुष्टिकरण करना चाहती है। बीजेपी नेता पहले ही यह दावा कर चुके हैं कि पश्चिम बंगाल लाखों घुसपैठियों का घर है। सूबे के कई बीजेपी नेताओं ने NRC जैसा कदम उठाने की मांग की है।

बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र पुलिस द्वारा पांच ऐक्टिविस्ट्स की गिरफ्तारी के मामले में दखल देने से इनकार कर दिया था। इससे बीजेपी को फायदा मिला। इस मुद्दे के ज़रिए अमित शाह ने कांग्रेस और इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा था कि वह उन लोगों के साथ खड़े हैं, जो देश की सुरक्षा के लिए खतरा हैं।