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मैनेजर की मौत: केंद्र तक पहुंचा मामला, ऐक्शन में सीएम योगी, SIT करेगी जांच


लखनऊ लखनऊ में शुक्रवार रात मल्टिनैशनल कंपनी ऐपल के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी की यूपी पुलिस कॉन्स्टेबल की पिस्टल से गोली लगने से हुई मौत का मामला अब केंद्र तक पहुंच चुका है। इस पूरी घटना के बाद केंद्रीय गृहमंत्री और लखनऊ से सांसद राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और यूपी डीजीपी ओपी सिंह से बातचीत की है। उधर यूपी सरकार ने इस मामले में एसआईटी जांच के आदेश दे दिए हैं। हत्या के इस मामले में यूपी सरकार में मंत्री आशुतोष टंडन ने कहा, 'इस मामले में फिर से एफआईआर दर्ज के आदेश जारी कर दिए गए हैं। गोमती नगर पुलिस मामले की जांच नहीं करेगी, कोई अन्य थाना वारदात की जांच करेगा। डीएम लखनऊ ने मैजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं। मैंने एसआईटी के गठन का आदेश दिया है। यह एक अपराध है। वारदात में शामिल पुलिसकर्मी को गिरफ्तार कर निष्कासित कर दिया गया है।

आरोपी कॉन्स्टेबल ने दी मामले पर सफाई विवेक मर्डर केस में जहां एक ओर यूपी पुलिस की चौतरफा फजीहत हो रही है वहीं आरोपी और यूपी पुलिस के कॉन्स्टेबल प्रशांत चौधरी का कहना है, 'ऐसा बताया जा रहा है कि सीएम योगी ने कहा है कि हमारा मामला पंजीकृत नहीं होगा। क्या हमारी जिंदगी की कोई कीमत नहीं है।' प्रशांत की पत्नी का कहना है, 'घटना को लगभग 12 घंटे से ज्यादा बीत चुके हैं लेकिन कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।' आरोपी पुलिस कॉन्स्टेबल प्रशांत चौधरी का यह भी कहना है, 'मैंने उसे नहीं मारा। गोली गलती से चल गई। उसने मुझे अपनी कार से टक्कर मारी और मेरी हत्या के मकसद से मुझ पर तीन बार चढ़ाने की कोशिश की। मेरी मांग है कि मेरी एफआईआर लिखी जाए।'

'कोई गाड़ी नहीं रोकेगा तो क्या आप गोली मार देंगे?' विवेक की पत्नी कल्पना तिवारी ने कहा, 'पुलिस को मेरे पति को गोली मारने का अधिकार नहीं था। अगर कोई गाड़ी नहीं रोकेगा तो आप उसे गोली मार देंगे? कह रहे हैं कि आपत्तिजनक हालत में थे। ऐसा था तो पकड़ना चाहिए था, फिर सबको बुलाना चाहिए था। गोली क्यों मारी? मैं यूपी के सीएम से मांग करती हूं कि वह आकर मेरी बात सुनें।'

जानिए, क्या थी पूरी वारदात यूपी पुलिस की गोली का शिकार होकर शुक्रवार को जिस युवक ने अपनी जान गंवाई उनका नाम विवेक तिवारी है। विवेक की दो बेटियां हैं। अबतक की रिपोर्ट के मुताबिक ऐपल के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक आईफोन की लॉन्चिंग से घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में यूपी पुलिस के कॉन्स्टेबल प्रशांत चौधरी ने उनपर गोली चला दी। गंभीर रूप से घायल विवेक की इलाज के दौरान मौत हो गई।

क्या कह रही हैं प्रत्यक्षदर्शी सना इस वारदात के दौरान विवेक अकेले नहीं थे। गाड़ी में उनके साथ उनकी सहयोगी सना खान भी मौजूद थीं। सना ने बयान दिया है कि विवेक उन्हें घर ड्रॉप करने जा रहे थे। इसी बीच आरोपी पुलिसवालों ने गाड़ी रोकने की कोशिश की। विवेक ने साइड से गाड़ी निकालने की कोशिश की तो पुलिसवालों ने सामने से बाइक लगा दी। गाड़ी बाइक से हल्की सी लगी। बाइक पर पीछे बैठे सिपाही के हाथों में लाठी थी, आगे वाले के पास बंदूक। आगे बैठे सिपाही ने सीधा सर को निशाना बना गोली चला दी।

सना के मुताबिक गोली लगने के बाद भी विवेक ने कुछ दूर गाड़ी को चलाया लेकिन होश खोने के बाद गाड़ी पिलर से टकरा गई। सना ने सड़क पर लोगों से मदद मांगी लेकिन कोई आगे नहीं आया। बाद में पुलिस वारदात के स्थल पर पहुंची।