एक्सपर्ट्स ने बताया, सेंसेक्स के गोता लगाने के बाद क्या करें

September 21, 2018

नई दिल्ली
शुक्रवार को घरेलू कंपनियों के शेयरों ने गोता लगा दिया। मार्केट में गिरावट की अगुवाई अगली पंक्ति के कुछ बैंकों और हाउसिंग फाइनैंस कंपनियों ने की जिन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा। शुक्रवार को ट्रेंडिंग में इतना उथल-पुथल मचा हुआ था कि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के 31 शेयरों का सूचकांक सेंसेक्स 1,500 अंक तक टूट गया और मिनटों में इसने 800 से ज्यादा अंकों की मजबूती भी हासिल कर ली।
मार्केट एक्सपर्ट्स कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, रुपये की कमजोरी और वैश्विक बाजार की गिरावट को इसकी वजह बताई। इनके अलावा, उन्होंने अचानक आई इतनी बड़ी गिरावट का जिम्मेदार आईएलऐंडएफएस में वित्तीय संकट और यस बैंक के शेयरों के पिटने को बताया। मार्केट एक्सपर्ट्स सितबंर महीने में ही सूचकांकों में आई 2,000 पॉइंट्स से ज्यादा की आई गिरावट के मद्देनजर कुछ सलाह दे रहे हैं... 

मधु केला, शेयर बाजार के दिग्गज 
यह किसी टेक्निकल सेलऑफ जैसा जान पड़ता है। कुछ नॉन-बैंकिंग फाइनैंशल कंपनियों (NBFC) ने बताया था कि उनका शॉर्ट टर्म लिक्विडीटी सिचुएशन बहुत अच्छा है। जब मैं शॉर्ट टर्म की बात कर रहा हूं तो उनका कहना है कि अगले एक वर्ष तक के दायित्वों के निर्वहन के लिहाज से उनके अकाउंट में काफी कैश पड़े हुए हैं। अगर आप सच में कंपनी को समझते हैं और आपको इसके मैनेजमेंट पर भरोसा है तो आपके पास इनके शेयर खरीदने का शानदार मौका है। जब कभी भी मैनेजमेंट मजबूत दिखता है, वह अचानक आई आफतों का डटकर मुकाबला करता है और इससे पार पाते हुए और मजबूत बनकर उभरता है। जहां तक रुपये की बात है, तो याद कीजिए 2014 में रुपया डॉलर के मुकाबले 70 पर था। 2017 में यह 63 पर आ गया और फिर 63 से 72 पर चला गया। अब आप 63 से 72 की यात्रा देखेंगे तो आपको लगेगा कि रुपया 12 प्रतिशत टूट गया है, लेकिन मैं इसकी 2014 के स्तर से करता हूं और तब इसमें महज 3 से 4 प्रतिशत की गिरावट ही है। 


बसंत माहेश्वरी, को-फाउंडर ऐंड पार्टनर, बसंत माहेश्वरी वेल्थ अडवाइजर्स 
मार्केट की पहली चीज है- कीमतें और दूसरी- अर्निंग्स और सभी फंडामेंटल्स। इसलिए, जब कीमतें 50 से 55 प्रतिशत तक गिर जाएं तो हम सबसे पहले यह देखना चाहते हैं कि क्या कोई कोई बड़ी समस्या है और अगर ऐसा नहीं है तो यह गिरावट प्रतिक्रिया स्वरूप आई है। अगर आपके पास अच्छी कंपनियों के शेयर हैं, तो आपको कीमतों की बहुत चिंता नहीं होगी। नॉन-बैंकिंग फाइनैंशल कंपनियों के कारोबार में अक्सर कहा जाता है कि आपको सर्वोत्तम के साथ टिके रहना होता है। अगर आप अच्छे क्वॉलिटी शेयर खरीद रहे हैं और इनके भाव गिर जाएं तो आपको और शेयर खरीदने चाहिए। लेकिन, हम जैसे लोगों ने पहले से ही निवेश कर रखा है। अब इसमें डालने के लिए कुछ है नहीं। अक्टूबर रिजल्ट आने के बाद अच्छे शेयर मजबूती हासिल करेंगे। फिलहाल, अभी जो कीमतें दिख रही हैं, वह आपको परेशान कर रही होंगी, जैसा कि मुझे कर रही हैं। 

 

Share on Facebook
Share on Twitter
Please reload

                                           KarmKasauti

                            Kanpur Uttar Pradesh

          Email: karmkasauti@gmail.com

   Copyright 2018. All Rights Reserved.