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गोवा: हरकत में आए बीजेपी चीफ अमित शाह, बुलाई पार्टी और सहयोगियों की बैठक


पणजी गोवा में सीएम मनोहर पर्रिकर की बीमारी ने बीजेपी के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। कांग्रेस द्वारा राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश करने के बाद बीजेपी चीफ अमित शाह खुद हरकत में आ गए हैं और आज पणजी में पार्टी के नेताओं तथा सहयोगी दलों से बात करने वाले हैं। एस धवलीकर को राज्य का डेप्युटी सीएम बनाने की बीजेपी की योजना को सहयोगियों द्वारा नकारने के बाद शाह ने गोवा फॉरवर्ड पार्टी (GFP) के प्रमुख विजय सरदेसाई को फोन किया था। आईएएनएस ने अनाम सूत्रों के हवाले बताया है कि सरदेसाई महाराष्ट्र गोमानतक पार्टी के धवलीकर को राज्य के डेप्युटी सीएम बनाने की योजना से नाराज बताए जा रहे हैं। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर अग्नाशय संबंधी बीमारी के कारण दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती हैं। गोवा में कमजोर पड़ती बीजेपी पर विपक्षी कांग्रेस भी नजर बनाए हुए है। कांग्रेस ने सरकार बनाने का दावा पेश करते हुए कहा कि उसे 21 से ज्यादा विधायकों का समर्थन प्राप्त है और 40 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए वह मजबूत स्थिति में है। कांग्रेस का कहना है कि पार्टी 16 विधायकों के साथ तटवर्ती राज्य में सबसे बड़ी पार्टी है। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता चन्द्रकांत कावलेकर ने बताया कि गोवा में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस को पर्याप्त समर्थन प्राप्त है। उन्होंने कहा, 'हमारे पास पर्याप्त संख्या है। मैं आपको यह नहीं बताऊंगा कि किसके साथ बातचीत चल रही है। हमें 21 विधायकों की जरूरत है और हमारे पास उससे ज्यादा हैं।' कांग्रेस को राज्यपाल के जवाब का इंतजार चंद्रकांत कावलेकर के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने मंगलवार को राज्यपाल मृदुला सिन्हा से भेंट कर बीजेपी सरकार का विधानसभा में शक्ति परीक्षण कराने और उन्हें बहुमत साबित करने के लिए कहने का अनुरोध किया। कावलेकर ने कहा कि पार्टी को राज्यपाल के जवाब का इंतजार है। उन्होंने तीन-चार दिन में जवाब देने की बात कही थी। राज्य में बीजेपी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी), महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (एमजीपी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और निर्देलीय विधायक शामिल हैं।

बीजेपी स्थिति को लेकर सहज नहीं विधानसभा में बीजेपी के 14 विधायक हैं, जबकि जीएफपी और एमजीपी के तीन-तीन और एनसीपी का एक विधायक है। तीन निर्दलीय विधायक भी हैं। हालांकि पार्टी नेताओं का कहना है कि गोवा में सरकार को कोई खतरा नहीं है लेकिन जिस तरह से पार्टी नेताओं के गोवा में दौरे शुरू हुए हैं, उससे संकेत मिलने लगे हैं कि खुद बीजेपी वहां की स्थिति को लेकर सहज नहीं है।

मौका तलाश रही कांग्रेस दरअसल गोवा में सीएम बदलने की चर्चा के बीच सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। जहां सत्ताधारी दल इस चर्चा को तूल नहीं दे रहा, वहीं कांग्रेस ने गोवा की राज्यपाल के पास सरकार बनाने का दावा भेजा है। उल्लेखनीय है कि पर्रिकर की बीमारी के चलते वहां सरकार की स्थिरता को लेकर उठ रहे सवालों को कांग्रेस अपने लिए एक मौके के तौर पर देख रही है।