• संवाददाता, दिल्ली

बिना नुकसान के सरकार कम कर सकती है पेट्रोल और डीजल की कीमत!


नई दिल्ली पेट्रोल और डीजल की कीमतें रेकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत लगभग 80 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में पेट्रोल 87.39 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। पेट्रोल के साथ डीजल की कीमतें भी आसमान छू रही हैं। दिल्ली में डीजल 72.07 रुपये और मुंबई में 76.51 रुपये प्रति लीटर है। दूसरी तरफरुपये में भी लगातार गिरावट जारी है। गुरुवार को पहली बार डॉलर के मुकाबले रुपया 72 पर पहुंच गया। बुधवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि चिंता की कोई बात नहीं है क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय समस्या है। हालांकि इस बात का जिक्र नहीं किया गया कि देश के भीतर इसका क्या प्रभाव पड़ रहा है और लोगों को रोज ज्यादा कीमतें देनी पड़ रही हैं। ज्यादातर टैक्स तेल की कीमतों के अनुपात में हैं। यानी कीमतें जितनी बढ़ती हैं, सरकार को दिया जाने वाला टैक्स भी बढ़ जाता है। इसलिए अगर आप पेट्रोल या डीजल का पहले जितना ही इस्तेमाल कर रहे हैं फिर भी कीमतों के बढ़ने के साथ ज्यादा टैक्स देना पड़ता है। नवंबर 2014 से जनवरी 2016 के बीच केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी को नौ बार बढ़ा चुकी है। वहीं पिछले साल अक्टूबर में केवल एक बार टैक्स में कटौती की गई। 2014-15 और 2018-19 के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल से मिलने वाले टैक्स से 10 लाख करोड़ की कमाई की। 2014-15 में टैक्स से 1.05 करोड़ की कमाई होती थी वहीं 2018-19 में बढ़कर यह 2.57 करोड़ रुपये हो गई। हम पेट्रोल और डीजल के लिए जितनी कीमत अदा करते हैं उसमें से आधा टैक्स होता है। सरकार चाहे तो टैक्स में राहत देकर इसकी कीमत कम कर सकती है और इससे रेवेन्यू पर भी कोई खास असर नहीं पड़ेगा। अगर देश की GDP के अनुपात में पेट्रोल की कीमतों की बात करें तो यह दुनिया में सबसे ज्यादा है। अगर पेट्रोल, डीजल की कीमतें बढ़ने के साथ सरकार टैक्स पर छूट दे तो लोगों को काफी सहूलियत मिल सकती है।