• Umesh Singh,Delhi

नीरव मोदी ने एक 'पीले-नारंगी हीरे' से पीएनबी को लगाया हजारों करोड़ रुपये का चूना


नई दिल्ली नीरव मोदी द्वारा पीएनबी बैंक में हजारों करोड़ रुपये के घाटाले को अंजाम देने के मामले में अब एक 'पीले नारंगी हीरे' की कहानी सामने आई है, जिसके जरिए इस फ्रॉड को अंजाम दिया गया। अमेरिका में नीरव मोदी की कंपनियों की जांच में इन तथ्यों का खुलासा हुआ है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नीरव मोदी ने इस हीरे को दुनिया के अलग-अलग देशों में मौजूद अपनी ही कंपनियों में खरीदा बेचा और हर बार इसकी कीमत में लाखों डॉलर का उतार-चढ़ाव दिखाया गया। अमेरिका में नीरव मोदी की कंपनियों के दिवालिया परीक्षण रिपोर्ट में कहा गया है कि तीन कैरेट के हीरे को 2011 में नीरव मोदी द्वारा कथित तौर पर नियंत्रित तीन शेल कंपनियों में कम से कम चार बार खरीदा-बेचा गया। 25 अगस्त को फाइल की गई रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के सबसे बड़े बैंकिंग घोटाले की केंद्र में राउंड ट्रिपिंग है। राउंड ट्रिपिंग आयात-निर्यात का ऐसा खेल है, जिसमें एक ही सामान की बार-बार हुई ट्रेडिंग को अलग-अलग ट्रांजैक्शन के रूप में दिखा दिया जाता है। अप्रत्यक्ष रूप से मोदी के स्वामित्व वाली तीन अमेरिकी जूलरी कंपनियों के दिवालिया परीक्षण केस में जांचकर्ता जॉन जे कारनी के मुताबिक, ताबड़तोड़ खरीदारी प्लान का हिस्सा था, जिसके तहत मोदी और उसके सहयोगियों ने एक साल में 4 बिलियन डॉलर उधार लिया। भारत में 20 शेल कंपनियों के समूह के द्वारा डायमंड और दूसरी जूलरी के आयात का दिखावा किया। 'पीले-नारंगी रंग के चमकीले हीरे' को सबसे पहले अप्रत्यक्ष रूप से मोदी के स्वामित्व वाली अमेरिकी कंपनी फायरस्टार डायमंड्स ने बेचा। अगस्त 2011 में इसे कथित तौर पर नीरव मोदी की ही शेल कंपनी फैंसी क्रिएशंस कंपनी लिमिटेड में हॉन्ग-कॉन्ग ले जाया गया। इसकी कीमत करीब 11 लाख डॉलर थी। 2 सप्ताह बाद इसे नीरव मोदी फैमिली ट्रस्ट की ओर से गठित सोलर एक्सपोर्ट के जरिए दोबारा अमेरिका में फायर स्टार डायमंड कंपनी में भेज दिया गया। एक सप्ताह से कम समय बाद फिर फायर स्टार कंपनी ने इसे फैंसी क्रिएशंस को बेचा और इस बार इसकी कीमत 16 लाख डॉलर लगाई गई। इसके बाद इसे संयुक्त अरब अमीरात में कथित तौर पर मोदी की शेल कंपनी वर्ल्ड डायमंड डिस्ट्रीब्यूशन को बेचा और इस बार इसकी कीमत 12 लाख डॉलर बताई गई। 2011 से 2017 के बीच कुल 213.8 मिलियन डॉलर की राउंड ट्रिपिंग की गई, जिस अवधि में पीएनबी घोटाले को अंजाम दिया गया। इस दौरान बने बिलों को शॉर्ट टर्म लोन लेने के लिए पंजाब नैशनल बैंक को दिया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके बाद लोन से मिले रकम का इस्तेमाल नीरव मोदी के लाइफस्टाइल और कारोबारी इकाइयों में किया गया। नए लोन का इस्तेमाल पुराने लोन को चुकाने में किया गया।