सरकार ने वॉट्सऐप से कहा, फेक न्यूज का खोजें समाधान

 

नई दिल्ली 
सरकार ने फेक न्यूज पर सख्त रुख अपनाते हुए मेसेजिंग ऐप वॉट्सऐप को देश में स्थानीय इकाई स्थापित करने, फर्जी संदेशों के सोर्स का पता लगाने के लिए तकनीकी समाधान खोजने को कहा है। वॉट्सऐप के सीईओ क्रिस डैनियल ने मंगलवार को केंद्रीय सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद से दिल्ली में मुलाकात की।  प्रसाद ने कहा कि सरकार ने वॉट्सऐप से अफवाहों को रोकने, पॉर्न और फेक न्यूज पर लगाम के लिए तकनीकी समाधान ढूंढने को कहा है। उन्होंने कहा कि वॉट्सऐप को तीन मुद्दों पर काम करने को कहा गया है।

वॉट्सऐप के सामने रखी गईं 3 शर्तें 
1- वॉट्सऐप पर फेक न्यूज और अफवाहों को रोका जाए और इसके लिए प्रभावी समाधान किया जाए। 
2- भारत में काम करने के लिए कार्यालय बनाया जाए। 
3- फर्जी संदेश की उत्पत्ति का पता लगाने के लिए तकनीकी समाधान तलाशें और शिकायत निपटारे के लिए अधिकारी नियुक्त करें। 
प्रसाद ने वॉट्सऐप सीईओ से बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा, 'मैंने क्रिस डैनियल से स्पष्ट कहा है कि यदि भारत में काम करना है तो इसके लिए स्थानीय कंपनी बनानी होगी। इस ऐप पर किसी फर्जी संदेश के स्रोत का पता लगाने का तकनीकी समाधान तलाशना होगा। इस ऐप ने भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की कहानी में उल्लेखनीय योगदान किया है, लेकिन उसे भीड़ के हमले तथा प्रतिशोध के लिए अश्लील तस्वीरें प्रेषित करने जैसे दुष्क्रित्यों से निपटने के समाधान तलाशने होंगे।' 
बता दें कि वॉट्सऐप और सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर फेक मेसेज और अफवाहों के बाद देश के कई हिस्सों में तनाव और लिंचिंग की कुछ घटनाएं जारी हुई थीं। केंद्रीय आईटी मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद ने उस वक्त ही वॉट्सऐप पर इन्हें रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की थी। 
अफवाह रोकने के लिए वॉट्सऐप द्वारा उठाए गए कदम पर्याप्त नहीं: रविशंकर प्रसाद
फेक न्यूज और अफवाहों के बाद वॉट्सऐप ने सभी प्रमुख अखबारों में ऐड देकर इनसे बचने का तरीका समझाया था। इसके साथ ही वॉट्सऐप ने अपने फीचर्स में भी कई बड़े बदलाव किए और फॉरवर्ड मेसेज के साथ ही पता चल जाता है कि मेसेज फॉरवर्ड किए गए हैं। 

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