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लद्दाख: पूर्वी डेमचोक सेक्‍टर में भारतीय सीमा से लौटे चीनी सैनिक, टेंट भी हटाए


डेमचोक (लद्दाख) पूर्वी लद्दाख के डेमचोक सेक्‍टर में भारतीय सीमा में करीब 400 मीटर तक घुसपैठ करने वाले चीन के पीपल्स लिबरेशन आर्मी के जवान वापस अपनी सीमा में चले गए हैं। सूत्रों ने बताया कि चीन के सैनिकों ने अपने पांचों टेंट भी हटा लिए हैं। माना जा रहा है कि अगले हफ्ते चीन के रक्षामंत्री भारत आने वाले हैं और उनके साथ बैठक में यह मुद्दा उठ सकता था। इसी को देखते हुए चीन के सैनिक वापस चले गए हैं। डेमचोक सेक्‍टर इस इलाके में अक्‍सर दोनों देशों की सेनाओं के बीच विवाद होता रहा है। भारत का कहना है कि यह इलाका उसकी सीमा में आता है और चीन के सैनिकों ने भारतीय सीमा में घुसपैठ की है। वहीं चीन इसे अपना इलाका बताता रहा है। बता दें कि पिछले साल सिक्किम सेक्टर के डोकलाम में दो महीने से ज्यादा वक्त तक भारत-चीन के बीच सैन्य गतिरोध लंबे कूटनीतिक प्रयासों के बाद खत्म हुआ था, लेकिन पेइचिंग अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। टेंट लेकर वापस चले गए चीनी सैनिक 4,057 किलोमीटर लंबे एक्चुअल लाइन ऑफ कंट्रोल पर चीन ने अलग-अलग जगहों पर भारतीय सीमा का अतिक्रमण जारी रखा हुआ है। रक्षा प्रतिष्ठानों से जुड़े सूत्रों ने बताया कि दोनों देशों की सेनाओं के बीच ब्रिगेडियर स्तर की बातचीत के बाद पीएलए ने चेरडॉन्ग-नेरलॉन्ग नाल्लान इलाके में 3 टेंट हटा लिए थे लेकिन 2 टेंट बचे हुए थे। उनमें चीन के सैनिक मौजूद थे लेकिन अब ये सैनिक अपने टेंट लेकर वापस चले गए हैं। सूत्रों ने बताया कि पीएलए के सैनिक जुलाई के पहले सप्ताह में खानाबदोशों के वेष में मवेशियों के साथ भारतीय सीमा में घुस आए और भारतीय जवानों के बार-बार कहने के बाद भी नहीं लौट रहे थे। एलएसी पर टकराव रोकने के लिए ऐसी स्थितियों में 'बैनर ड्रिल' का प्रावधान है, जिसमें सेना दूसरे पक्ष को झंडा लहराकर अपने क्षेत्र में लौटने को कहती है। भारतीय सेना के लगातार 'बैनर ड्रिल' के बाद भी चीनी सैनिक अपने इलाके में नहीं लौटे। हालांकि चीन के रक्षामंत्री की यात्रा को देखते हुए वे वापस लौट गए हैं।

23 'विवादित और संवेदनशील इलाकों' में से एक सूत्र ने आगे बताया कि चीनी सैनिकों ने नरलॉन्ग इलाके में सड़क बनाने की लद्दाख प्रशासन की कोशिशों की शिकायत की थी। डेमचोक एलएसी पर चिह्नित 23 'विवादित और संवेदनशील इलाकों' में से एक है जो पूर्वी लद्दाख से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक फैला हुआ है। अनसुलझी सीमा को लेकर 'अलग-अलग धारणाओं' की वजह से इस सेक्टर में अकसर दोनों देशों की सेनाओं के बीच गतिरोध होता रहता है। अक्‍सर दोनों देशों की सेनाएं एक दूसरे पर अपने क्षेत्र में अतिक्रमण का आरोप लगाती हैं। लद्दाख के दूसरे विवादित इलाकों में त्रिग हाइट्स, डमचेले, चुमार, स्पैन्गुर गैप और पैन्गॉन्ग सो शामिल हैं।

इस साल अबतक चीन की सेना ने 170 बार भारतीय सीमा का अतिक्रमण किया है। 2016 में पीएलए 273 बार भारतीय सीमा में घुसी थी। पिछले साल तो चीनी सैनिकों ने 426 बार भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की थी। पिछले साल ही भूटानी भूभाग में स्थित डोकलाम के पास सिक्किम-भूटान-तिब्बत के त्रिकोण पर दोनों देशों की सेनाओं के बीच 73 दिनों तक गतिरोध बना हुआ था।