केरल में भारी बारिश, 22 की मौत, केंद्र से मांगी मदद

 

तिरुवनंतपुरम 
केरल के अलग-अलग हिस्सों में गुरुवार तड़के भारी बारिश और भूस्खलन के चलते करीब 22 लोगों की मौत हो गई। आपदा नियंत्रण कक्ष के सूत्रों के अनुसार, इडुक्की में भूस्खलन में 10 लोगों, मलप्पुरम में 5, कन्नूर में 2 और वायनाड जिले में 1 की मौत हो गई। वायनाड, पलक्कड ओर कोझिकोड जिलों में एक-एक व्यक्ति लापता बताए जा रहे हैं। इडुक्की के अडीमाली शहर में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई। पुलिस और स्थानीय लोगों ने मलबे से दो लोगों को जिंदा बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि बारिश की वजह से इडुक्की बांध का पानी का स्तर काफी ज्यादा हो गया था जो 26 साल खोला गया। गुरुवार सुबह करीब 600 क्यूसेक पानी छोड़ा गया जिससे जल स्तर 169.95 मीटर पर पहुंच गया। इडुक्की बांध में गुरुवार सुबह आठ बजे तक जल स्तर 2,398 फीट था जो जलाशय के पूर्ण स्तर के मुकाबले 50 फीट अधिक था। 
सीएम विजयन खुद इस पर नजर रखे हैं.
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने बताया, 'हमने आर्मी, नेवी, कोस्ट गार्ड और एनडीआरएफ से मदद मांगी है। तीन एनडीआरएफ की टीमें रेक्स्यू के लिए पहुंच चुकी हैं। 2 टीमें पहुंचने वाली हैं और 6 टीमों को कॉल किया गया है। नेहरू ट्रोफी बोट रेस को रद्द कर दिया गया है।' 
रेलवे ट्रैक को भी हुआ नुकसान 
भारी बारिश के चलते बुधवार को कांजीकोड और वालायर के बीच रेलवे ट्रैक को भी नुकसान पहुंचा है। इस रूट पर रेल सेवाएं रोक दी गईं हैं। डिविजनल रेलवे मैनेजर (डीआरएम) और अन्य अधिकारियों ने यहां का दौरा भी किया। इस रूट को पर ट्रैक को ठीक करने का काम जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्दी ही इसे शुरू किया जा सकेगा। 
प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। कोझिकोड और वायनाड जिलों में भारी बारिश और बाढ़ के कारण राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) का एक दल कोझिकोड पहुंच गया है। केंद्र से उत्तर केरल के लिए दो टीमें भेजने के लिए कहा गया है। बारिश के कारण इडुक्की, कोल्लम और कुछ अन्य जिलों में शैक्षिक संस्थानों में गुरुवार को छुट्टी घोषित की गई। 
एर्नाकुलम के पथालम स्थित निचले इलाकों में बने घरों में पानी घुसने से यहां रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। केरल अग्नि और राहत विभाग मोटरबोट की मदद से लोगों को निकालने का प्रयास कर रहा है। 
सीआईएएल में लैंडिंग पर रोक 
उधर कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा लिमिटेड (सीआईएएल) ने पेरियार नदी में बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए हवाईअड्डा क्षेत्र के जलमग्न होने की आशंका के तहत यहां विमानों की लैंडिंग पर रोक लगा दी है। सीआईएएल नदी के निकट स्थित है। सीआईएएल के एक प्रवक्ता ने कहा, 'ऐहतियाती कदम उठाते हुए हम दोपहर एक बजकर 10 मिनट के बाद विमानों की लैंडिंग रोक रहे हैं।' इससे पहले हवाई अड्डे के निकट स्थित एक नहर का जलस्तर बढ़ने के बाद एर्नाकुलम जिला प्रशासन ने हवाई अड्डे की स्थिति की समीक्षा की। यह फैसला तब लिया गया है जब इदामलयार बांध के चार दरवाजों को अतिरिक्त पानी छोड़े जाने के लिए आज सुबह खोल दिया गया। जांच-परख करने के लिए इडुक्की बांध का भी एक दरवाजा आंशिक तौर पर खोला गया है। बांध के दरवाजों को खोलने की वजह से पेरियार नदी का जल स्तर बढ़ गया। 

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