• संवाददाता, दिल्ली

केंद्र सरकार ने दिए जांच के आदेश, भूख से बहनों की मौत


नई दिल्ली केंद्र सरकार ने राजधानी के मंडावली इलाके में भूख से तीन बहनों की मौत मामले में जांच के आदेश दिए हैं। शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार , उनकी मौत भूख के कारण हुई है। पुलिस ने शवों का जीटीबी अस्पताल के मेडिकल बोर्ड से फिर से परीक्षण कराया है जिसकी रिपोर्ट का इंतजार है। उपभोक्ता मामलों, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण रामविलास पासवान ने कहा, 'हमने मामले में जांच के आदेश दिए हैं।

वहीं, आधिकारिक सूत्रों ने आप के कुछ नेताओं के उस दावे को खारिज किया जिसमें उन्होंने कहा था कि राशन के लिए प्रस्तावित डोर स्टेप डिलिवरी से इन मौतों को रोका जा सकता था। सूत्रों ने बताया कि यह परिवार सब्सिडी वाले राशन का पात्र नहीं था क्योंकि उनके पास राशन कार्ड नहीं थी । आप सरकार ने उपराज्यपाल पर इस योजना को लागू न करने देने के आरोप लगा रही है। सूत्रों का कहना है कि राशन कार्डधारकों के मानक तय करने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है। खाद्य वितरण की जिम्मेदारी राज्य सरकार की ही होती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की जिम्मेदारी सिर्फ सब्सिडी रेट पर स्टेट के गोदामों को सामान उपलब्ध कराना है।

उधर,दिल्ली महिला आयोग (DCW) ने इस मामले में पुलिस और जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि लड़कियों का पिता दिहाड़ी मजदूर है और वह 24 जुलाई की सुबह काम की तलाश में घर से गया था लेकिन वापस नहीं लौटा। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है और इस संबंध में उससे पूछताछ की जाएगी।

आयोग ने मंडावली थाने के प्रभारी और प्रीत विहार (पूर्वी जिला) के उपसंभागीय मजिस्ट्रेट को नोटिस जारी कर शुक्रवार तक रिपोर्ट देने को कहा। इस मामले में सरकार ने मजिस्ट्रेट से जांच के आदेश दिए हैं। आयोग ने रिपोर्ट में मौत की परिस्थितियों और माता पिता की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी मांगी। उल्लेखनीय है कि दो , चार और आठ साल की तीन बहनों को लेकर उनकी मां और एक पारिवारिक दोस्त लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल पहुंचे थे जहां उन्हें मृत घोषित किया गया।

मूल रूप से पश्चिम बंगाल निवासी मंगल पिछले काफी दिनों से मंडावली में अपनी पत्नी बीना और तीन बच्चियों के साथ रहता था और रिक्शा चलाकर और दिडाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। वहीं, मंगल की पत्नी वीना मानसिक रूप से बीमार है। पिछले कुछ दिन से काम नहीं मिलने की वजह से मंगल काफी परेशान था। इसकी वजह से वह अपने कमरे का किराया भी नहीं दे पा रहा था। इसलिए मकान मालिक ने उसे अपने घर से निकाल दिया था और पूरा परिवार सड़क पर आ गया। मंगल का एक रिश्तेदार नारायण जो मंडावली में ही रहता है और एक होटल में काम करता है। वह मंगल के पूरे परिवार को अपने किराए के कमरे में शनिवार को लेकर आ गया।


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