• राजेश तिवारी,मुंबई

हिंसा, आगजनी और पथराव के बाद वापस लिया गया मराठा आरक्षण आंदोलन


मुंबई औरंगाबाद में मराठा आरक्षण की मांग कर रहे एक प्रदर्शनकारी की आत्महत्या के बाद बुलाए गए राज्यव्यापी बंद को वापस ले लिया गया है। मराठा क्रांति मोर्चा ने यह बंद बुलाया था और दिन भर हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद इसे वापस लेने का फैसला किया गया। हमारे सहयोगी चैनल टाइम्स नाउ के मुताबिक, मोर्चा ने दावा किया है कि वह यह संदेश देने में सफल रहा है कि उसे मुंबई को बंद करने के लिए किसी राजनीतिक दल के समर्थन की जरूरत नहीं है।

दादर में आयोजित प्रेस वार्ता में मराठा आंदोलन के प्रमुख वीरेंद्र पवार ने बंद वापस लेने की घोषणा की। इससे पहले बुधवार को मुंबई और ठाणे समेत आसपास के कई इलाकों में हिंसक प्रदर्शन किए गए। ठाणे में सुबह से ही सरकारी बसों को निशाना बनाया गया। कल्याण में एक बस समेत शहर में कुल 9 BEST बसों के साथ तोड़फोड़ की गई। मानखुर्द में एक बस को उपद्रवियों ने आग के हवाले कर दिया, जिसे बाद में दमकलकर्मियों ने बुझाया।

LIVE: मुंबई: मराठा क्रांति मोर्चा ने वापस लिया बंद

आगजनी और पथराव सायन-पनवेल हाइवे पर भी एक वाहन को आग लगी दी गई। पुणे-गोवा के हाइवे को जोड़ने वाली सायन-पनवेल रोड से आंदोलनकारियों को हटाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज तक करना पड़ा। पथराव के बाद पुलिस ने हवा में गोलियां चलाईं और प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया। इससे पहले बोरिवली में पुलिस ने कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था।

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सड़क और रेल मार्ग रोका मुंबई से सटे ठाणे में प्रदर्शनकारियों ने रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रोकने की कोशिश की। ठाणे के अलावा जोगेश्वरी और घणसोली स्टेशनों को भी बाधित करने की कोशिश की गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाया, तब यातायात शुरू किया जा सका। सेंट्रल रेलवे आंशिक रूप से बंद कर दिया गया है।

बंद करवाई गईं दुकानें मुंबई में मराठा क्रांति मोर्चा के कार्यकर्ता सुबह से ही बंद का पालन कराने के लिए मुस्तैद रहे। कई जगहों पर जबरन दुकानें बंद करवाने की कोशिश की गई। हालांकि, बांद्रा में मोर्चा के कार्यकर्ता हाथ जोड़कर बंद में सहयोग करने की गुजारिश करते नजर आए।