• रवि कुमार राठौर,कानपूर

क्षेत्रीय वन अधिकारी रसूलाबाद झूठी आख्या लगाकर कर रहे है गुमराह


मुख्यमंत्री जी हर व्यक्ति को एक वृक्ष लगाने का अनुरोध कर रहे दूसरी तरफ वनाधिकारी कागजों पर ही वृक्ष लगा रहे- रवि कुमार राठौर

मुख्यमंत्री पर्यावरण बचाने के लिए वृक्षारोपण करने की बात कर रहे अधिकारी कागजों पर वृक्ष लगा रहे है।

रसूलाबाद, कानपुर देहात।

जुलाई माह में वृक्षारोपण अभियान के तहत जैसा कि 27 जून 2018 को जिलाधिकारी कानपुर देहात राकेश कुमार सिंह ने डीएफओ अधिकारियों से बेहतर सामंजस्य बनाकर वृक्षारोपण अभियान को गति देने की बात कही थी। साथ ही जुलाई माह में 1500150 वृक्षारोपण के निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के लिए अधिकारी कार्ययोजना तैयार कर समय से तत्काल दे तथा सकुशल वृक्षारोपण की तैयारी भी करने के निर्देश दिए थे। इसी के क्रम में ग्राम समायूं से रवि कुमार राठौर ने मेल के द्वारा प्रभागीय वनाधिकारी कानपुर देहात के साथ वन मंत्री एवं मुख्यमंत्री जी से अपने क्षेत्र में अनुरोध किया था ग्राम समायूं से पहाड़ीपुर मार्ग एवं ग्राम पोवा से कहिंजरी तक वृक्षारोपण कराने की कृपा करें ताकि साथ में ग्राम प्रधानों को सख्त निर्देश देकर देख-भाल करने की जिम्मेदारी भी सौंपे ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए भी रूप रेखा को बनाया जाये सभी को मिलकर इस अच्छे कार्य में सहयोग करने की आवश्यकता है।

रवि ने निवेदन के साथ ही वृक्षारोपण अभियान के तहत ऐसे वृक्ष को लगाया जाये जो हमारे वातावरण को स्वच्छ बनाये रखने के साथ साथ ही हमारे सेहत को बुरे प्रभावों (धूल, गंदगी, प्रदूषण) से बचाए. इसके लिये सबसे पहले वृक्षारोपण के फायदों के बारे में जागरूक करना अति आवश्यक है। लाभदायी वृक्षों जैसे साल, सागौन, पीपल, नीम, बरगद, साजा आदि का वृक्षारोपण किया जाये। रवि ने मेल करने के साथ ही मुख्यमंत्री जी के पोर्टल पर शिकायत

क्रमांक 40016318010835 दर्ज कराया जिसके संदर्भ में 10 जुलाई को सुधामा लाल क्षेत्रीय वन अधिकारी रसूलाबाद ने फोन करके बताया सीडीओ सर ने आपसे मिलने को कहा है। सुधामा लाल ने मिलकर रवि के इस अभियान को सफल बनाने की बात कही रवि ने 13 जुलाई को मिलने को बात कही और साथ में यह भी कहा मिलने के बाद ही इस पर कोई आख्या दी जाये लेकिन सुधामा लाल ने बिना मिले ही अपनी गुमराह भरी आख्या प्रस्तुत कर दी जिसमे रवि को पूर्णरूप से संतुष्टी की बात लिखी गई है। जब इस बारे में संवाददाता ने रवि से बात की तो उन्होंने बताया सुधामा लाल को 12 जुलाई को फोन किया मिलने को याद दिलाया 13 को आपने मिलने की बात हुई तो उन्होंने मिलने से इंकार कर दिया और अपनी झूठी आख्या प्रस्तुत कर दी जिससे बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं है। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री जी से मिलकर की जायेगी। प्रभागीय वनाधिकारी कानपुर देहात की आख्या- क्षेत्रीय वन अधिकारी, रसूलाबाद से जांच करायी गयी। उनकी जाॅंच आख्या 15/33-1 के अनुसार सेक्शन अधिकारी प्रकाश चन्द्र, वनविद् व बीट प्रभारी सुघर सिंह, वन रक्षक के साथ ग्राम समायू से पहाड़ीपुर मार्ग व ग्राम पोवा से कहिंजरी मार्ग का स्थलीय निरीक्षण वृक्षारोपण कराने के दृष्टिगत किया तो पाया गया कि उक्त मार्ग सम्पर्क मार्ग पाया गया है। जिसके दोनों ओर तक किसान खेती करते है। इस कारण ग्रामीण सम्पर्क मार्ग होने के कारण वृक्षारोपण के लिए रोड के किनारों पर जगह अत्यन्त कम है। शिकायतकर्ता रवि कुमार राठौर से वार्ता कर वस्तुस्थिति से भली-भाॅंति अवगत कराया गया। जिससे उन्होनें सहमत होते हुए अपने बताये हुए स्थान पर 10 फलदार पौधों के रोपण हेतु कहा। जिसे स्वीकार कर अवगत कराया गया कि उनके बताये गये स्थल पर 10 फलदार पौधों का रोपण करा दिया जायेगा। इससे वह पूर्ण संतुष्ट हुआ। साथ ही उन्हे यह भी अवगत कराया गया कि वृक्षारोपण हेतु जन जागरूकता अभियान विभाग द्वारा लगातार चलाया जा रहा है।

इस बारे में जब रवि से बात की गई तो उन्होंने बताया बिल्कुल झूठी आख्या लगाई गई है। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री जी को की जायेगी। रवि ने बताया वह स्वयं पिछले 5 वर्षो से वृक्षारोपण करते आ रहे है। लगभग 200 से अधिक पेड़-पौधे उनके द्वारा लगाये जा चुके है। लेकिन उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुआ कहा जिलाधिकारी महोदय जुलाई माह में कानपुर देहात में 1500150 वृक्षारोपण के निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के लिए अधिकारी कार्ययोजना तैयार कर समय से तत्काल दे तथा सकुशल वृक्षारोपण की तैयारी भी करने के निर्देश दिए थे। यह सिर्फ कागजों पर चल रहा है। क्षेत्रीय वन अधिकारी ने साफ शब्दों में धन का अभाव होने की बात कही थी मतलब वृक्षारोपण अभियान कागजों पर ही चल रहा है।

दिनांक 27 जून 2018 को जिलाधिकारी कानपुर देहात ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला वृक्षारोपण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनपद में जुलाई माह में अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर शासन के निर्देशों का कडाई से अनुपालन करें तथा परस्पर बैठकर सामंजस्य बनाकर निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप वृक्षारोपण तैयारी के लिए कार्ययोजना बनाकर डीएफओ कार्यालय को दे दे। जिलाधिकारी ने डीएफओ डा. एके गिरी, पीडी शिवकुमार पाण्डेय, डीडीओ अभिराम त्रिवेदी, एडी सूचना प्रमोद कुमार समस्त बीडीओ तथा जनपदस्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे वन विभाग से बेहतर सामंजस्य बनाकर जुलाई 2018 के आवंटित रोपण लक्ष्य की प्राप्ति हेतु बेहतर रणनीति की तैयार कर रिपोर्ट प्रत्येक दशा में शनिवार तक प्रस्तुत करे। राष्ट्रीय वन नीति 1988 एवं उ0प्र0 वन नीति 1998 के अनुसार देश के प्रत्येक राज्य में 33 प्रतिशत भू-भाग पर वनों का विकास और हरितिमा आच्छादन किए जाने का लक्ष्य को प्राप्त करने के सम्बन्ध में अधिक से अधिक वृक्षारोपण किया जाना जरूरी है। जनपद में 1500150

पौधरोपण का लक्ष्य है। जिसमें वन विभाग द्वारा 997300 तथा अन्य विभागों द्वारा 502850 वृक्षारोपण का लक्ष्य है। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह व मुख्य विकास अधिकारी केदारनाथ सिंह ने उपस्थित अधिकारियों से कहा कि सभी उपजिलाधिकारी समय सारिणी के अनुसार सम्बन्धित खण्ड विकास अधिकारियों द्वारा चिन्हित किए गए पौधरोपण स्थलों व गढ्ढों को तैयार करा ले तथा इसकी जीपीएस मैपिंग के अनुसार कार्यवाही शुरू करें।

डीएफओ डा. एलके गिरी ने बताया कि शासन जी.पी.एस रीडिंग के संबंध में कोई दिक्कत हो इसके लिए वे डीएफओ कार्यालय से सम्पर्क कर सकते है। जिलाधिकारी ने भी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वृक्षारोपण कार्यक्रम के सम्पादन हेतु उत्तरदायी अधिकारियों के लिए कार्यो हेतु टाइमलाइन निर्धारित की गयी है। इस मौके पर पीडी, बीएस, डीआईओएस, समस्त एसडीएम आदि एसडीएम, बीडीओ, सहायक निदेशक सूचना प्रमोद कुमार, विभिन्न विभाग के अधिशाषी अभियंता, उद्योग विभाग, भूमि संरक्षण, सिंचाई, लोक निर्माण, उद्यान आदि विभाग के अधिकारी मौजूद थे।

रसूलाबाद, कानपुर देहात में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सपा सरकार में 24 घंटे में पूरे प्रदेश में 5 करोड़ पौधे लगाकर प्रदेश का नाम गिनीज बुक आफ वल्र्ड रिकार्ड में दर्ज कराकर खूब वाह वाही लूटी थी। सबसे अहम बात ये है कि इसकी शुरुआत कानपुर देहात से हुई थी। लेकिन जिस जगह पर हजारों की तादाद में पौधे लगाए गए थे, उस जगह पर एक भी पौधा नजर नहीं आ रहा है। जिससे स्पष्ट होता है कि यही हालात पूरे प्रदेश के होंगे। यानी गिनीज बुक में नाम दर्ज कराने के लिए वृक्षारोपण का फर्जीवाड़ा किया गया था। क्षेत्रीय लोगों को उम्मीद थी कि जब ये पौधे वृक्ष बन जाएंगे तो लोगों को गर्मी और धूप से राहत मिलेगी लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। हजारों की तादाद में जो पौधे लगाए गए थे वो कही नजर नहीं आ रहे है।


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