• देवांग राठौर,बरेली

कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा फसल अवशेष प्रबन्धन विषय पर कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन


बरेली

कृषि विज्ञान केन्द्र, भाकृअप-भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, इज्जतनगर, बरेली द्वारा कृषकों हेतु फसल अवशेष प्रबन्धन विषय पर एक कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में डा0 महेश चन्द्र, संयुक्त निदेशक (प्रसार शिक्षा) ने समस्या की व्यापकता एवं गम्भीरता को देखते हुये अवगत कराया कि फसल अवशेषों को जलाने से सिर्फ कृषि में ही नहीं बल्कि पर्यावरण, स्वास्थ्य, परिवहन, पर्यटन आदि बहुत से क्षेत्रों में अनेक समस्यायें आती हैं। आपने इसके प्रबंधन कर उपयोगी खाद का बनाने का सुझाव दिया। फसल अवशेषों को जलाने से होने वाले नुकसानों की रोकथाम एवं खेत में ही फसल अवशेष प्रबन्धन हेतु भारत सरकार ने एक कार्य योजना तैयार की है। जिसमें कृषि मशीनीकरण जैसे हैप्पीसीडर, धान, पुआल चाॅपर, श्रेडर, मल्चर, श्रबमास्टर, कटर-सह-स्प्रेडर, रिवर्सिबिल मोल्ड बोर्ड प्लाऊ (मिट्टी पलट हल), जीरो टिल सीड ड्रिल आदि कृषि यंत्रों का फसल प्रबन्धन में अनुप्रयोग किया जाना प्रस्तावित है। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के 23 जनपदों में 1500 हेक्टेयर क्षेत्रफल में इन यंत्रों की सहायता से फसल अवशेष प्रबन्धन के प्रदर्शन, 750 कृषकों हेतु 5 दिवसीय 30 प्रशिक्षण कार्यक्रम, विज्ञापन, प्रसार साहित्य, किसान मेला, कृषक-वैज्ञानिक वार्तालाप, विद्यालय के छात्रों में जागरूकता, प्रक्षेत्र दिवस, रेडियो एवं दूरदर्शन वार्ता तथा प्रिन्ट मीडिया के सहयोग से इस अभियान को चलाया जायगा। इस अभियान हेतु चयनित 23 जनपदों में से कृषि विज्ञान केन्द्र बरेली भी है, जिसके माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये जायेगें। आज का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम इसी क्रम में फसल अवशेष प्रबन्धन के क्षेत्र में कृषकों में जागरूकता लाने के लिये आयोजित किया गया। डा0 बी0पी0 सिंह, अध्यक्ष, कृषि विज्ञान केन्द्र ने कृषकों को धान, गेहॅू, गन्ना उत्पादन में नवीन तकनीकी को इस्तेमाल करने के साथ-साथ इन फसलों से उत्पन्न फसल अवशिष्ट का वैज्ञानिक ढंग करने की सलाह दी। श्री राकेश पाण्डेय, विषय विशेषज्ञ ने सभी आगन्तुक कृषकों को स्वागत किया एवं प्रशिक्षण की रूप रेखा बताईं। आपने विभिन्न कृषि यंत्रों एवं वेस्ट डिकम्पोजर द्वारा फसल अपशिष्ट को खाद एवं मृदा पलवार में बदलने की विधि, कृषि अपशिष्ट के विभिन्न उपयोगों के विषय में जानकारी दी। श्री रंजीत सिंह, विषय विशेषज्ञ ने कार्यक्रम का संचालन किया तथा जलवायु परिवर्तन के खतरों व आई.पी.एम. तकनीकी से कीट नियंत्रण की सलाह दी। इफ्को, बरेली के प्रतिनिधि ने इस अवसर पर उपस्थित कृषकों को फसल सुरक्षा से संबंधित इफ्को के विभिन्न उत्पादों के संबंध में जानकारी दी। कार्यक्रम में जनपद के 22 गाॅवों के 30 कृषकों ने भाग लिया।


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