• रिषभ गर्ग

05 दिन की बालिका को मरने के लिए लावारिस छोडा, चाइल्डलाइन ने हैलट में कराया एडमिट


कानपुर, 23 जून। आज के युग में समाज में ऐसी घटनाएँ प्रकाश में आती रहती हैं जिसमे अपने सगे -संबंधी ही बच्चों को लोक लाज के चलते लावारिस हालात में छोड देते है इसी प्रकार का प्रकरण चाइल्डलाइन कानपुर में प्रकाश में आया जिसमें ंहमे आज समाज का अमानवीय चेहरा देखने को मिला जिसमें 05 दिन की बालिका को परिजनों द्वारा गोविन्दपुरी स्टेशन पर लावारिस हालत में छोड दिया। अज्ञात बालिका पर न ही किसी को तरस आया और न ही किसी ने उसकी सुध लेने की सोची। परन्तु कहते है ना कि भगवान के घर मे देर है अंधेर नही। इसी तरह ही बालिका के लिए गोविन्दपुरी स्टेशन पर तैनात चैकी इंचार्ज अमित भगवान स्वरूप बनकर आये। उन्होनें बालिका को लावारिस हालात में खजुराहो पैसेन्जर (ट्रेन सं0 54161) के कोच न0 13539 जो कि प्लेटफार्म न0 2 पर खडी थी जिसमें उन्होने बालिका को झोले में पडे देखा तो उनसे रहा न गया और उन्होने त्वरित चाइल्डलाइन कानपुर को सूचना दी । सूचना मिलते ही चाइल्डलाइन कानपुर की कार्यकत्री संगीता सचान व अमन पाण्डेय गोविन्दपुरी स्टेशन गए और बालिका को अपनी सुपुर्दगी में लिया और बालिका की हालत को देखते हुये चाइल्डलाइन टीम ने बालिका को हैलट अस्पताल में एडमिट कराया जहां बालिका एन0आई0सी0यू0 में भर्ती है और बालिका का सुचारू रूप से इलाज चल रहा है । डाक्टरों के मुताबिक बालिका का वनज 1.5 किलोग्राम है। चाइल्डलाइन कानपुर के निदेशक कमलकान्त तिवारी ने बताया कि नवजात बालिका को उसकी मां व किसी अन्य के द्वारा लोकलाज के चलते त्याग कर दिया गया है जिसके साथ ही बालिका के बारे में बाल कल्याण न्यायपीठ को लिखित पत्र के माध्यम से सूचना दी जा चुकी है। उन्होने बताया कि बालिका को उसकी माँ लावारिस हालात में ट्रेन में गोविन्दपुरी स्टेशन पर प्लेटफार्म न0 2 पर मरने के लिए त्याग गयी और शुक्र है बालिका किसी गलत हाथों में नही पडी जिससे वह मरने से बच गई। साथ ही बताया कि भारतीय दण्ड संहिता की धारा 317 व किशोर न्याय अधिनियम 2015 की धारा 75 के अन्र्तगत जो बच्चे का संरक्षक है उसके द्वारा यदि बच्चे का परित्यक्त किया जाता है तो उसको अधिकतम 01 वर्ष की सजा व 03 लाख के जुर्माने से दण्डित करने का प्रावधान है और इसमें कानूनी कार्यवाही हो सकती है जबकि चाइल्डलाइन के संज्ञान में बालिका को त्यागने को मामला प्रकाश में आता है तो परिजनांे की जानकारी होने पर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही करायी जायेगी।