• राजेश तिवारी

मध्यरेल्वे द्वारा स्वच्छता अभियान को तमाचा, शहाड़ रेलवे स्टेशन के सामने फैली कीचड़ व गंदगी


मुंबई (राजेश तिवारी) : रेलवे द्वारा स्वच्छता अभियान के तहत हर वर्ष करोड़ों रुपया खर्च किया जाता है। इसके बावजूद रेलवे स्टेशन परिसर स्टेशन के आसपास जगह जगह जल जमाव व कचरे का अंबार लगा रहता है रेल यात्रियों की शिकायत के बावजूद रेल अधिकारी कुंभकरणी नींद में सोए रहते हैं बता दें कि मध्य रेलवे के शहद रेलवे स्टेशन के सामने पहली ही बारिश में हुआ जलजमाव व कचरे का ढेर रेल यात्रियों व स्थानीय रहिवासियो के लिए मुसीबत बना हुआ है अधिक जानकारी के लिए बतादे की कुछ दिन पहले शहद रेलवे स्टेशन पर कल्याण की दिशा में नया पादचारी पुल का निर्माण किया जिसका बचा हुआ मलबा भी वही प्लेटफार्म के बगल में किनारे रास्ते मे जमा कर दिया गया है। कचरे के पास पहली ही बारिश में भारी जल जमाव हो गया है। किनारे कचरा व बीच रास्ते में जल जमाव होने के कारण रेलयात्रियों को आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।प्लेटफार्म पर हुआ जल जमाव रेलयात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। इस कचरे व जलजमाव में साँप और कीड़े मकोड़े के होने की भी शिकायत स्थानीय स्टेशन प्रभारी से रेल यात्रियों ने की है। तमाम शिकायतों के बावजूद रेल अधिकारी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे है।

इस बारे में शहाड़ रेलवे स्टेशन के प्रभारी मुकुल चौधरी से स्टेशन पर यात्रियों को हो रही समस्याओ के बारे में पूछने पर उन्होंने रेलवे स्टेशन परिसर में यात्रियों को हो रही समस्याओ से जल्द ही निजात दिलाने का आश्वासन दिया। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के कल्याण युवा अध्यक्ष राणाप्रताप सिंह ने कहा कि शहाड़ रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को हो रही समस्याओं से निजात दिलाने के लिए मै पिछले दो साल से रेलवे से निवेदन कर रहा हु लेकिन रेल अधिकारी यात्री समस्याओ को नजरअंदाज कर रहे हैं। स्टेशन के बाहर रास्ते में हो रहे जल जमाव रेल यात्रियों के अलावा स्थानीय रहिवासियो को भी परेशानी हो रही हैं जिससे जल्द से जल्द निजात दिलाना चाहिए।उन्होंने कड़े शब्दों में कहा है यदि अब काम मे कौताही बरती गई तो धरना प्रदर्शन किया जा सकता हैं।

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पहली ही बारिश में रेलवे स्टेशन के बाहर कचरे का अंबार व प्लेटफार्म पर जगह जगह जलजमाव होने से रेलयात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्लेटफार्म पर जगह जगह हुए जलजमाव से यात्रियों के जानमाल की क्षति को नकारा नही जा सकता है।