• लेखक पंकज कुमार मिश्रा

आर्टिकल - फेसबुक हुआ सचेत


आज का युवा वर्ग विशेषकर शिक्षित वर्ग सोशल साईट्स का उपयोग कम कर रहे पर अधिक उम्र और अन्डरएज जेनेरेशन इसकी जद मे पुरी तरह घिर चुकी है । विश्व की प्रमुख सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक ने अपनी आलोचना के बाद इस वर्ष के पहले तीन महीने में 58.3 करोड़ फर्जी अकाउंट बंद किये हैं । फेसबुक ने इसके अलावा बताया कि वह उन भड़काऊ या हिंसक चित्र, आतंकवादी दुष्प्रचार अथवा घृणा फैलाने वाले अकाउंट के खिलाफ किस प्रकार कदम उठा रहा है जो संप्रदाय विशेष को ह्रास कर सकती है । कैंब्रिज एनालिटिक डाटा कांड के बाद पारदर्शिता की दिशा में कदम उठाते हुए फेसबुक ने कहा कि हर दिन लाखों फर्जी अकाउंट बनाने की कोशिश को रोकने के लिए उसने यह कदम उठाया हैं । सोशल साईट्स के इस बेहतरीन प्लेटफॉर्म ने बताया कि इसके बावजूद कुल सक्रिय अकाउंट की तुलना में 3-4 प्रतिशत फर्जी अकाउंट अभी तक हैं ।इसकेअलावा इस अवधि में 83.7 करोड़ पोस्ट को हटाया गया । फेसबुक ने पहली तिमाही में भड़काऊ या हिंसक चित्र , आतंकवादी दुष्प्रचार अथवा घृणा फैलाने वाली करीब तीन करोड़ पोस्ट पर चेतावनी जारी की ।कई लाख अन्डरएज एकाउन्ट जब्त किए, फेसबुक ने 85.6 प्रतिशत मामलों में उपयोगकर्ताओं के सतर्क करने से पहले ही फेसबुक ने आपत्तिजनक चित्रों का पता लगा लिया ।सरकार के डाटा सुरक्षित रखने के मानको मे भी बदलाव किया गया , इसके अलावा कंपनी ने कहा कि करीब 200 एप को सोशल मीडिया प्लेटफार्म से हटा दिया , जिनके बारे में डाटाके दुरूपयोग का पता चला था । फेसबुक की विषय सामग्री के बारे में अन्य शब्दों में कहा जाए तो देखी गयी प्रत्येक 10 हजार विषय सामग्री में से 22 से 27 में ग्राफिक हिंसा मौजूद थी । राजनितीक अश्पृश्यता को दरकिनार कर दे तो कुल मिलाकर फेसबुक ने कड़े मानक बनाने की तैयारी कर ली है । आप अपने फेसबुक अकाउन्ट को जैसे ही लॉग इन करते है कुछ सुरक्षा सम्बन्धी राय आपसे पुछे जा सकते है । आखिर फेसबुक हमारी प्राईवेसी के प्रति सचेत हो रहा । --- पंकज कुमार मिश्रा जौनपुरी