• ए. सुफियान

घाटमपुर:-विभिन्न मांगों को लेकर लेखपालों ने दिया धरना


घाटमपुर।

वेतन उच्चीकरण, पेंशन विसंगति को दूर किए जाने एवं आवश्यक आधारभूत सुविधाएं व संसाधन उपलब्ध कराए जाने व अन्य विभिन्न 8 सूत्री मांगों को लेकर तहसील घाटमपुर के लेखपाल, उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनर तले, काली पट्टी बांधकर आंदोलनरत रहे। समस्त लेखपालों ने तहसील परिसर में इकट्ठा होकर सरकार द्वारा राजस्व परिषद से अनुशंसित लेखपालों की मांगों पर विचार न किए जाने पर रोष व्यक्त किया और आगामी समय में योजनाबद्ध ढंग से आंदोलन की धार तेज करने के मकसद से विभिन्न धरना प्रदर्शनों का कार्यक्रम जारी किया। लेखपालों द्वारा मुख्यमंत्री को संबोधित एक प्रत्यावेदन भी उप जिलाधिकारी घाटमपुर को सौंपा गया। इस अवसर पर लेखपाल संघ की घाटमपुर इकाई के महामंत्री नवनीत कुमार मिश्र ने कहा कि लेखपाल राजस्व प्रणाली का सबसे महत्वपूर्ण पुर्जा है, जिसके बिना राजस्व प्रणाली एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकती परंतु यह दुर्भाग्य का विषय है कि उसी लेखपाल के आंसू पोछने वाला कोई नहीं है । इस अवसर पर वरिष्ठ कानूनगो राजकुमार दुबे ने कहा कि लेखपालों की जायज मांगों को राजस्व परिषद द्वारा मंजूरी दिए जाने के बाद भी सरकार द्वारा स्वीकृत ना किए जाना उपेक्षा की पराकाष्ठा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा उप जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में लेखपालों ने सर्वप्रथम वेतन उच्चीकरण कर न्यूनतम ग्रेड पे 2800 करने की मांग की व विभिन्न स्थानों पर वेतन विसंगति को खत्म किए जाने की बात कही। इसके अतिरिक्त वर्ष 2001 व 2003 में नियुक्त लेखपालों की पेंशन बहाली की भी मांग की गई है । ई डिस्ट्रिक्ट, ई-गवर्नेंस आय जाति निवास खतौनी आदि कार्यों को पूर्णतया कंप्यूटरीकृत कर दिया गया है, जिसके परिप्रेक्ष्य में राज्य सरकार के पास सभी लेखपालों को लैपटॉप टैबलेट उपलब्ध कराने का बजट पड़ा हुआ है। जिनकी शीघ्र खरीद की मांग भी की गई है। लेखपाल संघ अध्यक्ष राम कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मांगे ना माने जाने की सूरत में 25 जून तक काली पट्टी बांधकर कार्य किया जाएगा। इसके उपरांत 26 जून से 6 जुलाई तक आय जाति निवास संबंधी संपूर्ण कार्य रोक दिए जाएंगे ।3 जुलाई से 7 जुलाई तक तहसील दिया जाएगा एवं 9 जुलाई से कथित तौर पर जनपद मुख्यालयों पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन का कार्यक्रम प्रस्तावित है।