घाटमपुर:- धुएं से आम का बगीचा सत्यानाश

 

घाटमपुर।

तहसील क्षेत्र के ग्राम स्योढारी में आम चीकू के बड़े-बड़े बगीचों के करीब ही नियमों को ताक पर रखकर बिना अनुमति ईट भट्ठा चलाया जा रहा है। जिसका अति प्रतिकूल प्रभाव आसपास के बगीचों और फलदार वृक्षों पर पड़ रहा है ।जिससे क्षेत्र के  बागवानों में अत्यंत रोष व्याप्त है। विदित हो कि कुछ समय पूर्व ईट भट्ठे की एनओसी भी उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लखनऊ द्वारा निरस्त की जा चुकी है एवं कई बार जिला अधिकारी एवं उच्चाधिकारियों द्वारा उक्त भट्ठे को बंद किए जाने का आदेश स्थानीय प्रशासन को दिया जा चुका है, परंतु कथित राजनीतिक प्रभाव एवं धनबल के गठबंधन के आगे नतमस्तक स्थानीय प्रशासन भट्ठे को बंद करा पाने में स्वयं को अक्षम पा रहा है। विदित हो कि घाटमपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम स्योढारी में करीब 40 बीघे के रकबे पर एक विशाल बाग़ लगा हुआ है, जिसमें आम कटहल चीकू मुसम्मी संतरा नींबू के करीब 1600 पेड़ है जो कम से कम 20 साल पुराने हैं। इसी बाग के आसपास करीब 10-15 छोटे बड़े बाग़ भी हैं। हाल ही में क्षेत्र के कुछ प्रभावशाली लोगों ने मिलकर इन्हीं बागों और आबादी के करीब संगम ब्रिक फील्ड  नाम से एक भट्टा संचालित करना शुरू किया है। बाग़ मालिक जयदेव सिंह ने बताया कि मामले की शिकायत करने पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लखनऊ भट्ठे की एनओसी  रद कर चुका है एवं जिलाधिकारी द्वारा भट्ठे को बंद कराने का आदेश जारी किया जा चुका है। उत्तर प्रदेश ईट भट्ठा नियमावली 2011 के अनुसार किसी भी ईट भट्ठा की स्थापना किसी बाग से कम से कम 800 मीटर की दूरी पर होना चाहिए परंतु घाटमपुर तहसीलदार द्वारा प्रेषित अपनी रिपोर्ट में ईट भट्टे से बाग की दूरी 609 मीटर ईंट भट्ठे से बाग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ना बताया गया है, इसी क्रम में घाटमपुर तहसीलदार द्वारा एक बार मौके पर पहुंच में चैम्बर में पानी डाल भट्ठा बंद करने की कार्रवाई भी की जा चुकी है, परंतु धनबल और  अपने रसूख के दम पर  भट्ठा मालिक आज भी भट्ठा में ईंटों का उत्पादन कर माल कमा रहे हैं। ईट भट्टे की चिमनी से उठता दुआ कभी भी देखा जा सकता है। लेकिन स्थानीय प्रशासन भट्ठा मालिकों के खिलाफ जानकारी होने के बावजूद कार्यवाही करवाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है बाग मालिकों ने बताया कि भट्ठे के धुएं और राबिश से आम के फल चिटककर बिना पके ही गिर रहे हैं और आम कालिमायुक्त है। बागवानों के अनुसार अभी तक उन्हें करीब 700000 का नुकसान हो चुका है। तहसीलदार घाटमपुर से जानकारी करने पर ऊपर से आदेश आने पर कार्यवाही करने की बात कही गयी। लोगों के अनुसार अवैध ईंट भट्टे के संचालकों को स्थानीय विधायिका का वरदहस्त प्राप्त है।

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