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FATF की काली सूची से डरा पाक, हाफिज सईद को 5 साल की सजा


लाहौर 2008 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को टेरर फंडिंग केस में दोषी साबित किया गया है। लाहौर की ऐंटी टेरर कोर्ट लश्कर-ए-तैयबा चीफ हाफिज को दोषी ठहराते हुए 5 साल की सजा सुनाई है। हाफिज के खिलाफ आतंकी फंडिंग, मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध कब्जे के कुल 29 मामले दर्ज हैं। हाफिज पर यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान पर FATF की काली सूची में शामिल होने का खतरा मंडरा रहा है। वहीं, यह भारत के लिए एक बड़ी जीत है जो पिछले 11 सालों से ज्यादा वक्त से हाफिज को कानून के कटघरे में खड़ा करने की लड़ाई लड़ रहा है। बता दें कि अगर पाक एफएटीएफ की काली सूची में शामिल किया जाता है तो उसकी डूब रही अर्थव्यवस्था को उबारना और भी मुश्किल हो जाएगा। भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से लेकर संयुक्त राष्ट्र महासभा तक में समय-समय पर पाक में पल रहे आतंक की बात पूरे जोर-शोर से उठाई है। इसमें अमेरिका का भी पूरा साथ मिलता रहा है जिसने हाल ही में जमात-उद-दावा चीफ हाफिज के खिलाफ मुकदमा तेज करने की अपील की थी। दिसंबर में हाफिज और उसके तीन करीबी सहयोगियों- हाफिज अब्दुल सलाम बिन मुहम्मद, मुहम्मद अशरफ और जफर इकबाल के खिलाफ आरोप तय किए गए थे जिसका अमेरिका ने स्वागत किया था। तब अमेरिका की दक्षिण और मध्य एशिया की कार्यवाहक सहायक विदेश मंत्री एलिस जी वेल्स ने कहा था, 'हम पाकिस्तान से अपील करते हैं कि वह आतंकवाद के वित्त पोषण को बंद करने और 26/11 जैसे आतंकवादी हमलों के दोषियों को सजा दिलाने के लिए अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के अनुसार पूर्ण रूप से मुकदमा चलाए और तेजी से सुनवाई करें।' गौरतलब है कि आतंकवाद को मुहैया कराए जाने वाले धन की निगरानी करने वाली अंतरराष्ट्रीय निगरानी संस्था वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) ने पाकिस्तान को अपनी ग्रे सूची में डाल दिया है और उसपर काली सूची में जाने का खतरा मंडरा रहा था। उसे चेतावनी दी गई थी कि यदि फरवरी तक आतंकवाद के वित्तपोषण पर नियंत्रण नहीं किया जाता है तो उसे काली सूची में डाल दिया जाएगा। उसके बाद से ही पाकिस्तान की इमरान खान सरकार ने हाफिज की नकेल कसने शुरू की थी। हालांकि, हाल ही में एफएटीएप ने पाक को बड़ी राहत देते हुए आतंकी समूहों पर कार्रवाई के लिए उसकी ओर से किए गए प्रयासों पर संतोष जताया है। ऐसे में संभावना है कि पाकिस्तान अगले महीने ग्रे लिस्ट से बाहर आ सकता है। हाफिज के खिलाफ आज आया कोर्ट का फैसला उसी से जोड़कर देखा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि 26 नवंबर 2008 को भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई में लश्कर के 10 आतंकियों ने हमला था जिसमें 160 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और 300 लोग घायल हो गए थे। उस दिन मुंबई के सीएसटी रेलवे स्टेशन, मुंबई के आलीशान ताज महल और ट्राइडेंड होटल सहित कई इलाके को निशाना बनाया गया था। मरने वालों में विदेशी नागरिक भी शामिल थे। इस घटना के बाद अमेरिका ने हाफिज को ब्लैक लिस्ट कर दिया था और उसपर इनाम घोषित किया था।


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