• संवाददाता

ममता बनर्जी को पीएम मोदी के सामने भाषण देना था, इसलिए कार्यक्रम से लिया किनारा


कोलकाता नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और नैशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (एनआरसी) को लेकर पश्चिम बंगाल में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र के साथ मंच साझा करके वामपंथी छात्र संगठनों के निशाने पर आईं ममता बनर्जी ने आज कोलकाता पोर्ट ट्रस्‍ट के कार्यक्रम में हिस्‍सा नहीं लिया। माना जा रहा है कि पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ने पीएम मोदी के साथ दोबारा मंच साझा करने से परहेज किया, क्योंकि लेफ्ट सीएए को लेकर काफी आक्रामक है। सूत्रों के मुताबिक, ममता बनर्जी को पीएम मोदी के सामने भाषण देना था, इस कारण भी उन्‍होंने कार्यक्रम से किनारा कर लिया। वामपंथी छात्र संगठनों ने कहा था कि जब पूरा राज्य मोदी सरकार के लाए गए इस कानून का विरोध कर रहा है तो ऐसे में सीएम को उनसे मिलने की क्या जरूरत थी? लेफ्ट स्टूडेंट्स ने टीएमसी के धरना स्थल के बगल में ही प्रदर्शन किया था। लेफ्ट पार्टियों से जुड़े छात्रों के ग्रुप ने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर ममता बनर्जी के खिलाफ 'आजादी', 'छी-छी', 'शेम-शेम' के नारे लगाए। छात्रों ने नागरिकता कानून के खिलाफ देशभर में जारी लड़ाई को कमजोर करने के लिए ममता से जवाब मांगा। ममता बनर्जी तुरंत स्टेज पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को शांत कराने की कोशिश की। उन्होंने कहा, 'मैं बतौर मुख्यमंत्री के तौर पर ही पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने गई थी। यह एक नैतिक मुलाकात थी। मुझे एक भी ऐसा सीएम दिखाइए, जिसने पीएम मोदी के मुंह पर सीएए का विरोध किया हो।' छात्रों से ममता ने कहा, 'सीएए के खिलाफ हम पहले दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं। हम सबका मसला एक ही है, इसलिए इसको मुद्दे से मत भटकाइए। मैं आप सभी से लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने की अपील करती हूं।' उधर, पोर्ट ट्रस्‍ट के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डॉक्‍टर श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी और बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के बहाने ममता सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्‍होंने कहा कि इन दोनों नेताओं ने पश्चिम बंगाल में औद्योगीकरण का सपना देखा था लेकिन यहां की सरकारों ने इससे मुंह मोड़ लिया। पीएम मोदी ने कोलकाता पोर्ट का नाम डॉक्‍टर श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट करने का ऐलान किया। उन्‍होंने ममता बनर्जी का नाम लिए बिना कहा कि कटमनी नहीं होने, सिंडिकेट के नहीं चलने की वजह से केंद्र की योजनाओं को राज्‍य सरकार लागू नहीं कर रही हैं।


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