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गगनयान और चंद्रयान-3 के साथ ही दूसरे स्पेस पोर्ट पर भी काम चल रहा है: इसरो चीफ


बेंगलुरु इसरो चीफ के. सिवन ने नए साल के मौके पर देशवासियों के सामने इस साल के लक्ष्य और योजनाएं पेश कीं। साल 2020 में गगनयान और चंद्रयान-3 मिशन की तैयारियों के बारे में जानकारी दी। इसके साथ ही इसरो चीफ ने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान के जरिए हमारी कोशिश देशवासियों के जीवन को और बेहतर बनाने की है। इसरो प्रमुख ने बताया कि दोनों महत्वपूर्ण प्रॉजेक्ट्स के लिए काफी तैयारी बीते हुए साल में ही कर ली गई है। इसरो चीफ ने बड़ी और आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा कि चंद्रयान-3 प्रॉजेक्ट को मंजूरी मिल गई है और इसपर काम शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा, 'प्रॉजेक्ट पर काम शुरू हो चुका है। इसका कॉन्फिगरेशन चंद्रयान-2 की तरह ही होगा। इसमें भी लैंडर और रोवर होगा।' बता दें कि इसरो के चंद्रयान-2 मिशन की भारत ही नहीं दुनियाभर में काफी चर्चा हुई थी।

चंद्रयान-3 मिशन पर सिर्फ 250 करोड़ का खर्च! उन्होंने कहा कि इसमें पहले की तरह लैंडर, रोवर और एक प्रोपल्शन मॉड्यूल होगा। परियोजना की लागत पर सिवन ने कहा, ‘इस मिशन पर 250 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।’ उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3 का प्रक्षेपण अगले साल तक के लिए टल सकता है। देश के दूसरे स्पेस पोर्ट के बारे में बताते हुए सिवन ने कहा कि इसके लिए भूमि अधिग्रहण शुरू कर दिया गया है। दूसरा पोर्ट तमिलनाडु के तूतीकोरिन में होगा। बता दें कि आगामी एक दशक में इसरो के पिटारे में मंगल ग्रह से लेकर शनि ग्रह तक के लिए कई महत्‍वाकांक्षी प्रॉजेक्‍ट हैं जिन पर तेजी से काम चल रहा है। इसरो के गगनयान मिशन के लिए रूस मदद कर रहा है।


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