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हैपी बर्थडे मिल्खा सिंह: मुश्किलों में रहे, जेल काटी, फिर चैंपियन बने 'द फ्लाइंग सिख'


नई दिल्ली भारतीय दिग्गज धावक मिल्खा सिंह आज (20 नवंबर 2019) अपना 90वां जन्मदिन मना रहे हैं। एशियन गेम्स में 4 गोल्ड मेडल और कॉमनवेल्थ गेम्स में एक गोल्ड जीतने वाले मिल्खा सिंह की रफ्तार की दीवानी दुनिया थी। 'द फ्लाइंग सिख' के नाम से मशहूर इस दिग्गज को भारत ही नहीं, बल्कि पड़ोसी देश पाकिस्तान समेत हर कोने से प्यार और समर्थन मिला। 3 बार के ओलिंपियन मिल्खा का जन्म अविभाजित भारत के गोविंदपुरा (वर्तमान पाकिस्तान) में हुआ, लेकिन वह आजादी के बाद हिंदुस्तान आ गए। मिल्खा की प्रतिभा और रफ्तार का यह जलवा था कि उन्हें पाकिस्तानी प्रधानमंत्री फील्ड मार्शल अयूब खान ने ही 'द फ्लाइंग सिख' का नाम दिया था। मिल्खा के जीवन पर बनी फिल्म में भी इस घटना को दिखाया गया है जब पाकिस्तान के स्टेडियम में मिल्खा-मिल्खा नाम गूंजने लगा था। लाहौर में उन्होंने पाकिस्तान के चोटी के धावक अब्दुल खालिक को हराया था। उन दिनों के तनावपूर्ण माहौल में भी स्टेडियम मिल्खा की जीत में झूमने लगा। दौड़ के बाद मिल्खा सिंह को पदक पहनाते हुए अयूब खान ने कंधा थपथपाकर कहा, 'आज मिल्खा दौड़ नहीं उड़ रहे थे इसलिए हम उन्हें फ्लाइंग सिख के खिताब का नजराना देते हैं।' जब भी मिल्खा सिंह का जिक्र होता है रोम ओलिंपिक में उनके पदक से चूकने का जिक्र जरूर होता है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, 'मेरी आदत थी कि मैं हर दौड़ में एक दफा पीछे मुड़कर देखता था। रोम ओलिंपिक में दौड़ बहुत नजदीकी थी और मैंने जबरदस्त ढंग से शुरुआत की। हालांकि, मैंने एक दफा पीछे मुड़कर देखा और शायद यहीं मैं चूक गया। इस दौड़ में कांस्य पदक विजेता का समय 45.5 था और मिल्खा ने 45.6 सेकेंड में दौड़ पूरी की थी।' मिल्खा सिंह की निजी जिंदगी भी काफी प्रेरणा देने वाली है। 3 बेटियों और एक बेटे के पिता मिल्खा ने 1999 में बैटल ऑफ टाइगर हिल में शहीद होनेवाले हवलदार विक्रम सिंह के बेटे को गोद लिया था। मिल्खा ने उस बच्चे की पढ़ाई-लिखाई और परवरिश का पूरा खर्चा देने का ऐलान किया।


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