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पाकिस्तान में गिरफ्तार भारतीय सॉफ्टवेयर इंजिनियर, पिता ने कहा- घुमक्कड़ है बेटा, जासूस नहीं


हैदराबाद हैदराबाद के सॉफ्टवेयर इंजिनियर प्रशांत वैंदम को एक अन्य भारतीय नागरिक के साथ पाकिस्तान पुलिस ने पंजाब के बहावलपुर में गिरफ्तार कर लिया। प्रशांत के परिजन को हैदराबाद से गायब होने के 31 महीने के बाद पता चला कि वह जिंदा है और पाकिस्तान में है। प्रशांत पर भारतीय जासूस होने के लग रहे आरोपों पर जवाब देते हुए उनके पिता ने कहा है कि वह घुमक्कड़ी-पसंद इंसान है, जासूस नहीं है। प्रशांत परिजन को उम्मीद है कि भारतीय विदेश मंत्रालय की मदद से उनके बेटे की वतन वापसी जरूर होगी। जानकारी के मुताबिक, प्रशांत को राजस्थान के थार जिले से सटे कोलिस्टन मरुस्थल में मध्य प्रदेश के रहने वाले एक अन्य भारतीय नागरिक के साथ गिरफ्तार किया गया था। वह साल 2017 में माधापुर से अचानक गायब हो गया था। प्रशांत के पिता बाबूराव वैंदम ने बताया कि उनका बेटा 11 अप्रैल 2017 को ऑफिस के लिए घर से निकला था। उसके बाद वह कभी वापस नहीं आया। बाबूराव ने माधापुर पुलिस थाने में 29 अप्रैल 2017 को प्रशांत के गायब होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाबू राव ने बताया कि प्रशांत के गायब होने के बाद उन्होंने उसके दोस्तों, रिश्तेदारों और सहकर्मियों से संपर्क किया लेकिन उसका कुछ भी पता नहीं चला। गायब होने के 31 महीने बाद उन्होंने एक टीवी चैनल पर देखा कि प्रशांत को पाकिस्तान में गिरफ्तार कर लिया गया है। बाबूराव ने बताया, 'मैंने एक विडियो भी देखा, जिसमें वह तेलुगू में बता रहा है कि उसे पाकिस्तान में गिरफ्तार किया गया है। इसके बाद ही हमें पता चला कि वह जिंदा है।" बाबू राव ने बताया कि इसके बाद उन्होंने पुलिस और केंद्रीय विदेश मंत्रालय से संपर्क किया और अपने बेटे की वापसी के लिए मदद करने की अपील की। वहीं, साइबराबाद पुलिस के कमिश्नर वीसी सज्जनार का कहना है कि शिकायत लिखे जाने के बाद उन्होंने प्रशांत को ट्रैस करने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हुए। उसनका फोन ऑफ था और उसने अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स बंद कर दिए थे। तबसे उससे कोई संपर्क नहीं था। इस बीच, खबर आई कि प्रशांत को पाकिस्तानी कानून एजेंसियों ने जासूसी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। बाबूराव ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा कि उनका बेटा साफ दिल का इंसान है। वह जासूस नहीं है और वह ऐसे किसी भी काम में शामिल नहीं है जो अवैध है। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं पता, वह पाकिस्तान कैसे पहुंचा। राव ने बताया, 'मैंने न्यूज रिपोर्ट्स में देखा कि वह स्विट्जरलैंड की किसी लड़की से प्यार करता है और वह उसी की तलाश में गया था।' उन्होंने कहा कि उनके बेटे ने अपनी एक कलीग के बारे में बताया था, जिसे वह पसंद करता था। बाबूराव ने बताया कि अपनी पसंद के बारे में उसने अपनी मां को बताया था जबकि वह इससे अनजान थे। बाद में पता चला कि वह लड़की स्विट्जरलैंड चली गई। इससे कुछ दिनों तक प्रशांत अवसाद में था लेकिन बाद में वह इससे बाहर आ गया और अपने काम में लग गया। उन्होंने कहा, 'मुझे शक है कि वह उस लड़की से मिलने पैदल स्विट्जरलैंड जाने के लिए राजस्थान बॉर्डर पर गया होगा।' पुलिस को भी शक है कि अपनी प्रेमिका का दिल जीतने के लिए प्रशांत ने पैदल ही स्विट्जरलैंड जाने का फैसला किया होगा। इसके लिए उसने पाकिस्तान, इरान और तुर्की के रास्ते यूरोप में दाखिल होने का रास्ता चुना होगा। प्रशांत के पिता बाबूराव ने बताया कि 10 महीने पहले एक अज्ञात शख्स उनके घर आया था। उसने प्रशांत के बारे में जानकारी मांगी थी। इन्फॉर्मेशन लेने के बाद उसने बताया कि प्रशांत पाकिस्तान में था। उसने इससे संबंधित और कोई डिटेल नहीं दिया। उन्होंने संदेह जताया कि वह शख्स रॉ से था लेकिन वह इसे लेकर कन्फर्म नहीं थे। वहीं कमिश्नर सज्जनार ने बताया कि खुफिया एजेंसी के प्रशांत के परिवार से मिलने की खबर में सच्चाई नहीं है। सज्जनार ने कहा कि उन्होंने केंद्र सरकार को प्रशांत की पाकिस्तान में गिरफ्तारी की सूचना दे दी है। उसकी वतन वापसी के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। सज्जनार ने बताया कि किसी भी देश में कोई विदेशी संदिग्ध परिस्थितियों में मिले तो वहां की जांच एजेंसियां उससे पूछताछ करती ही हैं। उन्होंने कहा कि प्रशांत सॉफ्टवेयर इंजिनियर था। ऐसे में वह उससे तब तक पूछताछ कर सकते हैं, जब तक कि उनका संदेह दूर न हो जाए। हो सकता है कि निर्दोष पाने के बाद वह उसे भारत वापस भेज दें। उन्होंने कहा कि हमने अपने स्तर से भी प्रयास शुरू कर दिए हैं और जल्दी ही प्रशांत की सुरक्षित वतन वापसी की उम्मीद है।


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